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India Daily

न वकील और न अपील का मौका, अवैध प्रवासियों पर ट्रंप प्रशासन की सबसे बड़ी कार्रवाई; भारतीय प्रवासियों पर खतरा

अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों के खिलाफ राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने व्यापक डिपोर्टेशन अभियान शुरू कर दिया है. नई व्यवस्था के तहत पकड़े गए लोगों को अदालत में अपील, अपनी बात रखने और वकील करने का अवसर भी नहीं मिल रहा. इस कार्रवाई की जद में करीब 18 हजार भारतीय बताए जा रहे हैं.

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Edited By: Shanu Sharma
न वकील और न अपील का मौका, अवैध प्रवासियों पर ट्रंप प्रशासन की सबसे बड़ी कार्रवाई; भारतीय प्रवासियों पर खतरा
Courtesy: ANI

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने देश में अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों के खिलाफ अब तक का सबसे व्यापक डिपोर्टेशन अभियान शुरू कर दिया है. इस अभियान के तहत बिना वैध दस्तावेजों के अमेरिका में रह रहे लोगों की पहचान कर उन्हें तेजी से हिरासत में लिया जा रहा है. नई नीति के कारण करीब 18 हजार भारतीय भी सीधे कार्रवाई के दायरे में आ गए हैं.

अमेरिकी जांच एजेंसी इमिग्रेशन कस्टम्स एंड एनफोर्समेंट की टीमें लगातार विभिन्न शहरों में छापेमारी कर रही हैं. अभियान का उद्देश्य अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द उनके मूल देश भेजना बताया जा रहा है.

कोर्ट में अपील और वकील की सुविधा नहीं

इस बार लागू की गई प्रक्रिया को लेकर सबसे ज्यादा चिंता कानूनी अधिकारों को लेकर जताई जा रही है. जानकारी के अनुसार, पकड़े गए कई प्रवासियों को अदालत में अपील करने, अपना पक्ष रखने या वकील की सहायता लेने का अवसर नहीं मिल रहा. उन्हें सीधे डिटेंशन सेंटर भेजा जा रहा है, जहां से कुछ मामलों में दुर्व्यवहार की शिकायतें भी सामने आई हैं. कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवस्था पहले की तुलना में कहीं अधिक सख्त है और इससे प्रवासियों के अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.

सैन्य विमान और नए डिटेंशन सेंटर की तैयारी

ट्रंप प्रशासन प्रवासियों को उनके देशों में वापस भेजने के लिए इस बार सैन्य विमानों के इस्तेमाल की तैयारी भी कर रहा है. इसके साथ ही टेक्सास के एल पासो और कैलिफोर्निया में बड़े वेयरहाउस खरीदकर उन्हें डिटेंशन सेंटर के रूप में विकसित किया गया है. इन केंद्रों के निर्माण और संचालन पर करीब 16,500 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. फिलहाल इन केंद्रों में 12 हजार से अधिक प्रवासियों को रखा गया है और जरूरत पड़ने पर इनकी क्षमता बढ़ाने की भी तैयारी है.

भारतीय विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में अमेरिका से कुल 3,567 भारतीयों को वापस भेजा गया था. वहीं वर्ष 2026 में जून तक 1,076 भारतीय डिपोर्ट किए जा चुके हैं. इससे पहले 5 फरवरी 2025 को अमेरिका ने एक सैन्य विमान से 104 भारतीयों को अमृतसर भेजा था. उस दौरान प्रवासियों के हाथों में हथकड़ी और पैरों में बेड़ियां होने की तस्वीरें सामने आने के बाद भारत में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था और संसद में भी इस मुद्दे पर तीखी बहस हुई थी.