कॉकरोच जनता पार्टी का कई दिनों से चल रहा प्रदर्शन अब व्यापक रूप ले चुका है. जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में पहुंची भीड़ अब पूरी तरह से बेकाबू हो चुकी है.
सीजेपी का 'संसद चलो' मार्च शुरू हो गया है. इस दौरान भारी संख्या में पहुंचे लोग बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास करते नजर आए. वहीं उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने भी लाठीचार्ज कर दिया.
मिली जानकारी के मुताबिक मार्च के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनुपस्थिति में उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो भी प्रदर्शन में शामिल हुईं. उन्होंने प्रदर्शनकारियों से संयम और शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि आंदोलन का मुख्य उद्देश्य शिक्षा सुधारों की मांग को मजबूती से उठाना है. उन्होंने कहा कि आज तीन बातें सबसे अधिक महत्वपूर्ण हैं. पहला, मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से हो. दूसरा, शिक्षा जैसे अहम मुद्दे पर सभी का ध्यान बना रहे. तीसरा, सभी लोग सतर्क रहकर अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से रखें.
#WATCH दिल्ली: जंतर-मंतर पर CJP के विरोध मार्च के लिए जमा हुए प्रदर्शनकारियों की RPF कर्मियों से झड़प हुई। भीड़ को काबू करने के लिए RPF कर्मियों और पुलिस ने लाठियों का इस्तेमाल किया। pic.twitter.com/Uu95kovmfd
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 20, 2026
मार्च शुरू होने से पहले सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि संगठन अपनी लंबे समय से लंबित परीक्षा सुधार संबंधी मांगों पर सरकार से बातचीत के लिए तैयार है. उनके अनुसार सरकार की ओर से बातचीत शुरू करने की कोशिश हुई है, लेकिन अब तक किसी स्पष्ट प्रस्ताव या निर्णय की जानकारी नहीं मिली है. उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि संगठन समाधान चाहता है और बातचीत के लिए खुले मन से तैयार है. अब आगे की पहल सरकार को करनी होगी.
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और लोकसभा सांसद चंद्रशेखर आजाद भी जंतर-मंतर पहुंचे. वहीं, शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने कहा कि यदि प्रदर्शनकारियों को संसद तक मार्च निकालने की अनुमति नहीं मिलती है तो उन्हें प्रवर्तन निदेशालय या सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च करने पर विचार करना चाहिए. उन्होंने कहा कि इन संस्थानों की भूमिका पर भी सवाल उठते रहे हैं