नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन प्रस्तावित संसद मार्च को देखते हुए सोमवार को दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. एहतियात के तौर पर दिल्ली मेट्रो रेल निगम ने राजीव चौक समेत पांच प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को अगली सूचना तक बंद कर दिया है. वहीं दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित मार्च के लिए किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
दिल्ली मेट्रो रेल निगम के अनुसार सुरक्षा कारणों से राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं. इन स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकास पर रोक लगा दी गई है. यात्रियों को यात्रा से पहले मेट्रो की ताजा जानकारी देखने की सलाह दी गई है.
यह मार्च शिक्षा व्यवस्था में सुधार और विभिन्न मांगों को लेकर आयोजित किया जा रहा है. पहले इस प्रदर्शन की घोषणा सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने की थी. उनके अस्पताल में भर्ती होने के बाद अब इस मार्च का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके और अन्य कार्यकर्ता कर रहे हैं. संगठन पिछले कई दिनों से दिल्ली के जंतर मंतर पर भी प्रदर्शन कर रहा है.
संसद के मानसून सत्र के साथ प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए संसद परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. रैपिड एक्शन फोर्स सहित बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. संसद भवन और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे.
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि प्रस्तावित संसद मार्च के लिए किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं मांगी गई और न ही दी गई है. पुलिस के अनुसार नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है. इस दौरान पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस, प्रदर्शन और मार्च निकालने पर प्रतिबंध है.
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल जंतर मंतर पर पूर्व अनुमति लेकर ही प्रदर्शन किया जा सकता है. यदि कोई व्यक्ति निषेधाज्ञा का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने लोगों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है.