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नाइजीरिया के मैदुगुरी में बम धमाके, दर्जनों लोगों की मौत और कई घायल; आत्मघाती हमले का संदेह

नाइजीरिया के मैदुगुरी में कई बम धमाके हुए, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई. घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है.

Shilpa Shrivastava
नाइजीरिया के मैदुगुरी में बम धमाके, दर्जनों लोगों की मौत और कई घायल; आत्मघाती हमले का संदेह
Courtesy: Grok AI

नई दिल्ली: सोमवार रात पूर्वोत्तर नाइजीरिया के बोर्नो राज्य की राजधानी मैदुगुरी में कई बम धमाके हुए. इन धमाकों में कई लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हो गए. इमरजेंसी सर्विसेज ने बताया कि ये हमले तीन अलग-अलग जगहों पर हुए. अधिकारियों ने बताया कि ये आत्मघाती हमले थे जिन्हें आतंकवादियों ने अंजाम दिया.

बता दें कि ये धमाके मैदुगुरी यूनिवर्सिटी टीचिंग अस्पताल के एंट्री गेट और दो बिजी लोकल मार्केट जिसमें पोस्ट ऑफिस मार्केट और मंडे मार्केट शामिल हैं. नाइजीरिया की नेशनल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी के मैदुगुरी में ऑपरेशन्स के प्रमुख सिराजू अब्दुल्लाही ने बताया कि बचाव दल अभी भी अस्पताल में घायलों का इलाज चल रहा है. 

किसी ग्रुप ने नहीं ली इन हमलों की जिम्मेदारी: 

अभी तक किसी भी ग्रुप ने आधिकारिक तौर पर इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है. हालांकि, यह इलाका 17 वर्षों से भी ज्यादा समय से बोको हराम के हिंसक विद्रोह का मुख्य केंद्र रहा है. बोको हराम और उसके अलग हुए गुटों ने अतीत में कई बम धमाके, अपहरण और हमले किए हैं. नाइजीरियाई सरकार ने कहा था कि उसके सैनिकों ने मैदुगुरी के बाहरी इलाकों में संदिग्ध इस्लामी आतंकवादियों के हमलों को रोक दिया. इससे पता चलता है कि आतंकवादी अभी भी एक्टिव हैं, भले ही सेना ने उन्हें रोकने की कोशिश की हो.

खबरों के अनुसार, 200 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं और आपातकालीन वार्ड में उनका इलाज चल रहा है. इसके साथ ही बताया जा रहा है कि कई लोगों की मौत मौके पर ही हो गई है. 

सुरक्षा संकट से जूझ रहा है नाइजीरिया:

नाइजीरिया को उत्तरी हिस्से में अलग-अलग हथियारबंद गुटों के खिलाफ एक मुश्किल लड़ाई का सामना करना पड़ रहा है. बोको हराम और दूसरे जिहादी गुट लगातार डर और हिंसा फैला रहे हैं. अस्पतालों, बाजारों और सार्वजनिक जगहों पर होने वाले हमलों से आम लोगों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचता है. सरकार और सेना इन आतंकियों को रोकने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इस तरह के बम धमाके सबको यह याद दिलाते हैं कि खतरा अभी भी बना हुआ है. बचाव दल और अस्पताल घायलों की मदद के लिए अपनी पूरी जान लगा रहे हैं.