नई दिल्ली: अमेरिका की दिग्गज बैंक जेपी मॉर्गन चेस की सीनियर एग्जीक्यूटिव लोर्ना हजदिनी इन दिनों बड़ी विवादों में घिरी हुई हैं. उनके एक्स एम्पलॉई ने उन पर यौन शोषण, जबरन शारीरिक संबंध बनाने और नस्लीय उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है. शिकायतकर्ता का दावा है कि लोर्ना ने उसे 'सेक्स स्लेव' की तरह इस्तेमाल किया और ना मानने पर बोनस रोकने की धमकी दी. 37 वर्षीय लोर्ना ने सभी आरोपों से इनकार कर दिया है, लेकिन यह मामला अब वॉल स्ट्रीट में चर्चा का विषय बन गया है.
लोर्ना हजदिनी जेपी मॉर्गन में 15 साल से काम कर रही हैं. वह वर्तमान में बैंक की लेवरेज्ड फाइनेंस डिवीजन की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं. उन्होंने 2011 में एनालिस्ट के रूप में जॉइन किया था और 2021 में एग्जीक्यूटिव पद पर पहुंचीं. उनकी सालाना कमाई 2 लाख डॉलर (लगभग 1.67 करोड़ रुपये) से ज्यादा बताई जा रही है. उन्होंने न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के स्टर्न स्कूल ऑफ बिजनेस से फाइनेंस और स्टैटिस्टिक्स में ग्रेजुएशन किया है और हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से शिक्षा प्राप्त की है.
शिकायतकर्ता चिरायु राणा ने आरोप लगाया है कि लोर्ना ने उन्हें रोहिप्नॉल और वियाग्रा जैसी दवाओं से बेहोश करके जबरन यौन संबंध बनाने को मजबूर किया. उन्होंने बोनस रोकने की धमकी भी दी. राणा का दावा है कि यह सिलसिला 2024 से चल रहा था. उन्होंने 2025 में बैंक में आंतरिक शिकायत भी दर्ज कराई थी.
जेपी मॉर्गन ने मामले में कहा है कि उसकी आंतरिक जांच में आरोपों की कोई सच्चाई नहीं पाई गई. बैंक ने खुद को भी मुकदमे में पार्टी बनाया है. लोर्ना हजदिनी ने सभी आरोपों से इनकार किया है. विवाद के बाद उन्होंने अपना लिंक्डइन अकाउंट डिलीट कर दिया और इंस्टाग्राम अकाउंट प्राइवेट कर लिया है.
मुकदमे में कई कमियां भी सामने आई हैं. शिकायतकर्ता ने दावा किया कि वे लोर्ना को रिपोर्ट करते थे, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों अलग-अलग मैनेजर्स को रिपोर्ट करते थे. मुकदमा दायर होने के कुछ दिनों बाद उसे सुधार के लिए वापस ले लिया गया है. पुलिस और बैंक जांच जारी रखे हुए हैं.