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'ईरान ऐसी चीजें मांग रहा है, जिन पर मैं सहमत नहीं हो सकता', ट्रंप ने फिर ठुकराया तेहरान का शांति प्रस्ताव

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम नहीं हो रहा है. डोनाल्ड ट्रंप ने शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
'ईरान ऐसी चीजें मांग रहा है, जिन पर मैं सहमत नहीं हो सकता', ट्रंप ने फिर ठुकराया तेहरान का शांति प्रस्ताव
Courtesy: X

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने की संभावना बढ़ती जा रही हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा बयान दिया, जिससे पूरे विश्व में खलबली मच गई. उन्होंने कहा कि या तो उसे खत्म किया जाएगा या कोई समझौता होगा. ईरान के नए प्रस्ताव से डोनाल्ड ट्रंप काफी असंतुष्ट हैं और उन्हें समझौते की उम्मीद बहुत कम है. इसका सीधा असर वैश्विक तेल व्यापार और होर्मुज जलडमरूमध्य पर पड़ा है.

ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची बातचीत

ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि दोनों पक्षों के बीच केवल दूर से संपर्क हो रहा है और वे फोन पर ही चर्चा कर रहे हैं. ट्रंप ने गहरी अनिश्चितता जताई है कि भविष्य में कोई समझौता हो पाएगा या नहीं. ईरान ने हाल ही में नया प्रस्ताव पेश किया था. इस प्रस्ताव को अमेरिका ने सीधा ठुकरा दिया. 

ईरान को नहीं मिलेगी परमाणु हथियार बनाने की अनुमति

व्हाइट हाउस ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अपना रुख बेहद सख्त कर लिया है और ढील देने से इनकार किया है. राष्ट्रपति ट्रंप का मुख्य उद्देश्य अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करना है. ईरान को किसी भी परिस्थिति में परमाणु हथियार बनाने या हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती.

तेल की कीमतें बढ़ी

इस अंतरराष्ट्रीय तनाव का सबसे असर वैश्विक पेट्रोलियम व्यापार और सप्लाई चैन पर पड़ा है. 28 फरवरी को ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया था. 8 अप्रैल को युद्धविराम की घोषणा के बावजूद, वहां व्यापारिक जहाजों की आवाजाही पर प्रतिबंध अभी भी लागू हैं. कच्चे तेल की आपूर्ति रुकने से कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया और वे 114.70 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थीं.

ईरान पर बढ़ता दबाव

संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था इस समय भारी संकट से गुजर रही है. होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से ईरान के तेल क्षेत्र पर काफी ज्यादा तनाव पैदा हो गया है. इसके साथ ही देश की मुद्रा में भी लगातार गिरावट आ रही है.