नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले एग्जिट पोल ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है. इन आंकड़ों का असर सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पड़ोसी देश बांग्लादेश में भी चिंता बढ़ गई है. एक बांग्लादेशी सांसद के बयान ने इस बहस को और तेज कर दिया है. उन्होंने आशंका जताई है कि अगर पश्चिम बंगाल भाजपा सत्ता में आती है, तो बांग्लादेश पर शरणार्थियों का दबाव बढ़ सकता है.
नेशनल सिटीजन पार्टी के संसद सचिव अख्तर हुसैन ने बांग्लादेश की संसद में इस मुद्दे को उठाया. उन्होंने कहा कि एग्जिट पोल में भाजपा की संभावित जीत दिखाई जा रही है. ऐसे में उन्हें डर है कि बड़ी संख्या में लोगों को सीमा पार भेजा जा सकता है. उनके अनुसार, यह स्थिति बांग्लादेश के लिए एक बड़े शरणार्थी संकट का कारण बन सकती है.
बंगलादेश के सांसद अख़्तर हुसैन ने आज बांग्लादेश के संसद में कहा कि भाजपा की पश्चिम बंगाल की जीत घुसपैठ को रोकेगी और बांग्लादेशी मुसलमानों को भगाएगी,यह ख़तरनाक है । तृणमूल कांग्रेस के मददगार धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं pic.twitter.com/wt1ZZUK7Un
— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) April 30, 2026
अख्तर हुसैन ने कहा कि अगर भाजपा सरकार बनाती है, तो अवैध प्रवासियों को वापस भेजने की कार्रवाई तेज हो सकती है. इससे बांग्लादेश में अचानक लोगों की संख्या बढ़ सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि इस बात को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है कि किन लोगों को भेजा जाएगा. इस कारण उनके देश में अस्थिरता बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
बांग्लादेशी सांसद के बयान पर भारतीय जनता पार्टी के नेता और सांसद निशिकांत दुबे ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ऐसे बयान यह दिखाते हैं कि अवैध प्रवास का मुद्दा कितना गंभीर है. साथ ही उन्होंने टीएमसी पर परोक्ष रूप से इस स्थिति के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया.
एग्जिट पोल के अलग-अलग आंकड़ों में पश्चिम बंगाल में कड़ी टक्कर का संकेत मिला है. ज्यादातर सर्वे में भाजपा को बढ़त मिलती दिख रही है, जबकि कुछ में तृणमूल कांग्रेस की वापसी का भी अनुमान है. सभी की नजरें अब नतीजों पर टिकी हैं, जो आने वाले समय में राजनीतिक दिशा तय करेंगे.