अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया संघर्ष को खत्म करवाया, हालांकि नई दिल्ली ने ऐसी किसी बातचीत से इनकार किया है. ट्रंप ने इसे हाल के सभी संघर्षों में "सबसे महत्वपूर्ण" करार देते हुए कहा कि दोनों देशों के पास परमाणु हथियार हैं और उन्होंने व्यापार पर कई फोन कॉल्स के जरिए युद्धविराम करवाया.
व्यापार सौदों की धमकी
नीदरलैंड्स के द हेग में नाटो शिखर सम्मेलन के बाद प्रेस ब्रीफिंग में ट्रंप ने कहा, “मैंने कहा कि अगर आप एक-दूसरे से लड़ने जा रहे हैं... स्थिति बहुत खराब हो रही थी... मैंने कहा कि अगर आप लड़ेंगे, तो हम कोई व्यापार सौदा नहीं करेंगे.” उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर को 'प्रभावशाली' बताते हुए दावा किया कि उन्होंने व्यापार सौदों के प्रस्ताव के साथ इस्लामाबाद और नई दिल्ली के बीच परमाणु युद्ध रोका. ट्रंप ने कहा, “पाकिस्तान के जनरल (आसिम मुनीर), जो वास्तव में प्रभावशाली हैं, पिछले हफ्ते मेरे दफ्तर में थे... प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) मेरे अच्छे मित्र हैं... हमने उन्हें समझाया और कहा कि अगर आप लड़ेंगे, तो कोई व्यापार सौदा नहीं होगा... और उन्होंने कहा कि वे व्यापार सौदा चाहते हैं, और हमने परमाणु युद्ध रोका.”
भारत का खंडन
नई दिल्ली ने ट्रंप के बार-बार किए जा रहे दावों पर नाराजगी जताई है. इस महीने की शुरुआत में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने ट्रंप के साथ 35 मिनट की फोन कॉल की थी, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि युद्धविराम वार्ता में व्यापार सौदे की कोई चर्चा नहीं हुई. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने पिछले हफ्ते एक वीडियो बयान में कहा, “पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को स्पष्ट रूप से बताया कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान, किसी भी स्तर पर भारत-अमेरिका व्यापार सौदे या भारत-पाकिस्तान के बीच अमेरिका की मध्यस्थता जैसे मुद्दों पर कोई बात नहीं हुई. पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत ने कभी मध्यस्थता स्वीकार नहीं की, न करता है, और न कभी करेगा.”
अन्य संघर्षों पर टिप्पणी
ट्रंप ने एक पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि यूक्रेन-रूस युद्ध जटिल है और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 'मुश्किल' रहे हैं. हालांकि, उन्होंने दावा किया कि उन्होंने ईरान-इजरायल, रवांडा-कांगो और अन्य क्षेत्रों में संघर्षों को रोकने में सफलता पाई है.