भारतीय क्रिकेट टीम को T20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले बड़ी राहत मिली है. युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा ने पेट के निचले हिस्से की सर्जरी के बाद सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी कर ली है. इंडिया ए के लिए खेलते हुए उन्होंने न सिर्फ बल्लेबाजी, बल्कि फील्डिंग और गेंदबाजी में भी खुद को पूरी तरह फिट साबित किया है. उनकी इस वापसी ने टीम मैनेजमेंट की चिंताओं को काफी हद तक कम कर दिया है.
सोमवार को नवी मुंबई में खेले गए अभ्यास मैच में तिलक वर्मा टीम मैनेजमेंट की सबसे बड़ी परीक्षा पर खरे उतरे हैं. बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में तीन सप्ताह का 'रिटर्न टू प्ले' प्रोटोकॉल पूरा करने के बाद उन्होंने मैदान पर कोई असहजता नहीं दिखाई. बल्लेबाजी के दौरान उनके मूवमेंट और शॉट चयन ने साफ कर दिया कि वे पूरी तरह से मैच फिट हैं.
तिलक ने 24 गेंदों में 38 रनों की जबरदस्त पारी खेली, जिसमें उन्होंने बाएं हाथ के स्पिनरों के खिलाफ शानदार छक्के और चौके जड़े. फील्डिंग में उन्होंने पीछे दौड़ते हुए एक बेहतरीन कैच भी लपक लिया. इसके बाद उन्होंने गेंदबाजी करते हुए एक विकेट भी लिया. इससे उनका ऑलराउंड फिटनेस स्तर साफ देखा जा सकता था.
इंडिया ए ने पहले बल्लेबाजी करते हुए तीन विकेट पर 238 रन बनाए. नारायण जगदीशन ने शानदार 55 गेंदों पर 104 रन की विस्फोटक पारी खेली. वहीं लक्ष्य का पीछा करते हुए अमेरिका की टीम संघर्ष के बावजूद 200 रन तक ही पहुंच सकी. लेग स्पिनर रवि बिश्नोई ने तीन विकेट लेकर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा.
तिलक वर्मा की वापसी से टीम इंडिया के बल्लेबाजी क्रम में बदलाव तय माना जा रहा है. उन्हें नंबर तीन की भूमिका फिर से मिल सकती है. ऐसे में लगातार खराब फॉर्म से जूझ रहे संजू सैमसन के लिए टीम में जगह बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है. तिलक की फिटनेस और फॉर्म T20 वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिए टीम के लिए बड़ा सकारात्मक संकेत है.