नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'एक पेड़ मां के नाम' पहल अब भारत की सीमाओं से बाहर जाकर वैश्विक स्वरूप ले रही है. इसी क्रम में इजराइल के मोशव नेवातिम में 300 पेड़ लगाए गए. यह आयोजन यहूदी पर्व 'तु बिश्वत' के साथ मनाया गया, जिसे इजराइल में पर्यावरण जागरूकता दिवस के रूप में देखा जाता है. इस कार्यक्रम ने भारत-इजराइल के मजबूत संबंधों और प्रकृति के प्रति साझा जिम्मेदारी को रेखांकित किया.
इजराइल के नेवातिम में आयोजित इस वृक्षारोपण कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया. भारत के दूतावास, केरेन कायेमेट ले इजराइल और मोशव नेवातिम के सहयोग से हुए आयोजन में 300 पौधे लगाए गए. यह पहल केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं रही, बल्कि दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों के संबंधों को भी मजबूती देने का प्रतीक बनी.
कार्यक्रम में इजराइल के पर्यावरण संरक्षण मंत्रालय के महानिदेशक रामी रोजेन, भारत के राजदूत जेपी सिंह और ब्नेई शिमोन क्षेत्रीय परिषद के प्रमुख निर जामिर शामिल हुए. सभी वक्ताओं ने सतत विकास और पर्यावरण सुरक्षा के लिए भारत और इजराइल की साझा सोच पर जोर दिया और इसे भविष्य की पीढ़ियों के लिए जरूरी बताया.
भारतीय राजदूत जेपी सिंह ने कहा कि 'तु बिश्वत' और 'एक पेड़ मां के नाम' दोनों ही परंपराएं समुदाय और प्रकृति को केंद्र में रखती हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि लगाए गए ये पेड़ भारत-इजराइल मित्रता के स्थायी प्रतीक बनेंगे और आने वाली पीढ़ियों तक इस रिश्ते की कहानी कहते रहेंगे.
From Roots to Relationships 🌱
— India in Israel (@indemtel) February 2, 2026
Jointly celebrated the Jewish festival of ‘Tu Bishvat’ (New Year for Trees) and Indian Prime Minister Shri. Narendra Modi’s initiative of ‘Ek Ped Maa Ke Naam’ at Moshav Nevatim today.
‘Ek Ped Maa ke Naam’ at Moshav Nevatim 🇮🇱 brought children &… pic.twitter.com/JI47t4hi71
नेवातिम की स्थापना कोचीन से आए भारतीय यहूदियों ने की थी और आज भी यह स्थान भारतीय यहूदी विरासत को संजोए हुए है. यहां स्थित भारतीय यहूदी विरासत केंद्र और कोचिनी शैली का सिनेगॉग इस इतिहास की गवाही देते हैं. हाल ही में यहां भारतीय महाराजा जाम साहिब की प्रतिमा का अनावरण भी इसी गहरे ऐतिहासिक रिश्ते का प्रतीक है.