नई दिल्ली: पाकिस्तान के कई प्रांतों में बलूच विद्रोहियों ने तबाही मचा दी. बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तान में पर कई हमले किए. इन हमलों में एक 'फिदायीन' हमला भी था. बीएलए ने अपने सबसे घातक ऑपरेशन के कुछ वीडियो भी जारी किया है. जिसमें महिलाएं हाथों में बंदूक लिए नजर आ रही हैं.
BLA द्वाार शेयर किए गए वीडियो में एक महिला पाकिस्तान के सुरक्षाकर्मियों पर गोलियों से वार करते नजर आ रही है. विद्रोहियों ने इस वीडियो को शेयर करते हुए एक खास संदेश भी दिया. जिसमें बताया गया कि ऑपरेशन हेरोफ, ग्वादर फ्रंट के दूसरे स्टेज के दौरान फिदायी हवा बलूच ने साथी फिदायीनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर निस्वार्थ भाव से लड़ाई लड़ी.
सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे वीडियो उस वक्त है जब बलूची महिला पाकिस्तानी सेना के खिलाफ जंग लड़ रही थी. इस वीडियो में पीछे से एक व्यक्ति की आवाज भी आती है जिसमें उसे बलूच कौम को संदेश देते सुना जा सकता है. व्यक्ति कहता है कि बलूच कौम, आज तुम्हारी एक बहन पंजाबी सेना का सामना कर रही है. अब तुम लोगों को हिम्मत के साथ आना चाहिए, अब हमारे पास और कोई रास्ता नहीं बचा है. इतना ही नहीं उस व्यक्ति ने दावा किया की पाकिस्तान बलूच कौम से डर कर आगे नहीं आ रहा. वह हमसे डरे हुए हैं. उसने आगे कहा कि आज खुशी का दिन है, हम अपने दुश्मनों का सामना कर रहे हैं और आज हम उन्हें दिखाएंगे कि बलूच की मांओं और बहनों को कभी छोड़ा नहीं गया और ना जाएगा.
Baloch Liberation Army Video:
“During Operation Herof, Phase Two at the Gwadar Front, Fidayee Hawa Baloch fought selflessly, shoulder to shoulder with fellow Fidayeen. This was her final message, sent twelve hours before her martyrdom.” pic.twitter.com/tedajNIjkD— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) February 2, 2026Also Read
इस वीडियो में बलूची महिला काफी जोश में नजर आ रही है. वह कहती है कि हम दुश्मनों का इंतजार कर रहे हैं और वह बाहर निकलने का नाम नहीं ले रहे. वह कायर है, उनके बीच आज मातम छाया हुआ है, हर जगह से रोने की आवाज आ रही है. महिला पाक के सुरक्षाकर्मियों को चुनौती देते हुए कहती है कि आज हम उन्हें बताएंगे कि बलूच की महिलाओं का सामना करना कितना मुश्किल है.
उसने कहा कि आज हम बलूच के लिए जान दे देंगे, लेकिन कुछ लोग हैं जो चंद पैसों के लिए जासूसी करते हैं. बलूच की इस Gen Z महिला के बारे में कहा जा रहा है कि उनके पिता BLA लड़ाके थे, जिन्हें 2021 में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने मार दिया था. उसी वक्त से वह पाकिस्तान को सबक सिखाने की जिद्द की. इसके लिए उसने पहले अपनी पढ़ाई की और फिर 21 साल में बीएलए की सदस्य बन गई. पाक और बलूच के बीच चल रहे लड़ाई में कई लोगों की मौत हो गई है.