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India Daily
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भारत से तनाव के बीच बड़ा झटका, कनाडाई PM की रेस में जस्टिन ट्रूडो से आगे निकले विपक्षी नेता

Canada PM Survey: भारत से जारी रिश्तों में कड़वाहट के बीच कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को बड़ा झटका लगा है. ट्रूडो कनाडा के पीएम को लेकर हुए एक सर्वे में पिछड़ गए हैं.

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Amit Mishra
भारत से तनाव के बीच बड़ा झटका, कनाडाई PM की रेस में जस्टिन ट्रूडो से आगे निकले विपक्षी नेता

Justin Trudeau Big Setback: भारत से तनाव के बीच कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) के लिए बुरी खबर सामने आई है. अगले आम चुनाव से पहले कनाडाई मीडिया की तकफ से किए गए एक सर्वे में ट्रूडो पीएम की रेस में पिछड़ते नजर आ रहे हैं. इस सर्वे के मुताबिक, कनाडा के लोग अगले चुनाव में पीएम पद के लिए ट्रूडो की तुलना में विपक्षी नेता पियरे पोइलिवरे (Pierre Poilievre) को ज्यादा योग्य मानते हैं. 

ट्रूडो के लिए टेंशन बढ़ाने वाला सर्वे

कनाडा में साल 2025 में आम चुनाव होने हैं लेकिन उससे पहले आया ये सर्वे ट्रूडो और उनकी लिबरल पार्टी की टेंशन बढ़ाने वाला है. ग्लोबल न्यूज के लिए IBSO की तरफ से किए सर्वे में पता चलता है कि कनाडा के लोग विपक्षी नेता पियरे पोइलिवरे को पीएम के लिए सबसे अच्छे उम्मीदवार के रूप में देखते हैं. सर्वे में 40 फीसदी लोगों ने उन्हें पीएम पद के लिए योग्य माना है. जबकि ट्रूडो के पक्ष में सिर्फ 30 प्रतिशत वोट पड़े हैं.

जगमीत सिंह का समर्थन करते हैं 22 फीसदी लोग

सर्वे के मुताबिक अगर आज की तारीख में कनाडा में चुनाव होते हैं तो कंजर्वेटिव पार्टी बहुमत वाली सरकार बना सकती है. सर्वें ट्रूडो और उनकी लिबरल पार्टी के खिलाफ लोगों का असंतोष साफ नजर आ रहा है. वहीं, NDP के नेता जगमीत सिंह को 22 फीसदी लोग प्रधानमंत्री के तौर पर देखना चाहते हैं. सर्वे में अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य सेवा और आवास मुद्दा प्रमुख रहा. अधिकांश कनाडाई सोचते हैं कि पियरे पोइलिवरे के पास इन तीनों क्षेत्रों के लिए बेहतर प्लान है.

इस वजह से बढ़ा दोनों देशों के बीच तनाव

खास बात ये है कि ये सर्वे ऐसे समय पर आया है जब भारत और कनाडा के बीच रिश्ते सामान्य नहीं है. खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद से दोनों देशों के बीच तल्खी लगातार बढ़ती जा रही है. जस्टिन ट्रूडो ने हरदीप सिंह निज्जर को कनाडा का नागरिक बताते हुए हत्या के पीछे भारतीय एजेंट्स का हाथ बताया है. वहीं, भारत की तरफ से इस तरह के आरोपों को खारिज किया गया है. भारत ने ट्रूडो के आरोपों को पूर्वाग्रह और राजनीति से प्रेरित बताया है.

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