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2 महीने, 2 बार पेपर लीक, NTA में क्यों नहीं हो रहा सुधार? समझिए क्या कह रहे एक्सपर्ट

Expert View On NTA: पहले NEET-UG पेपर लीक और उसके बाद UGC-NET के परीक्षा में गड़बड़ी सामने आने के बाद इसे रद्द कर दिया गया. उसके बाद सुविधाओं के अभाव की बात कर NEET-PG और CSIR-NET की परीक्षा का टाल दिया गया. इस बीच सवाल उठ रहे हैं कि क्या NTA के पुनर्गठन की जरूरत है. आइये जानें इस मामले में एक्सपर्ट क्या करते हैं?

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Expert View On NTA
Courtesy: India Daily Live

Expert View On NTA: भारत में परीक्षाओं का केंद्रीय करण करने के लिए सरकार ने एक एजेंसी बनाई NTA जिसके जिम्मे कई परीक्षाओं की जिम्मेदारी दी गई. सरकार का मानना था कि इससे गड़बड़ी कम होगी और बच्चों का सहूलियत होगी. हालांकि, इन दिनों जो देश में देखने को मिल रहा है वो तो सरकार की मंशा कतई नहीं रही होगी. पहले NEET-UG पेपर लीक हुआ और उसके बाद UGC-NET में गड़बड़ी की बात सामने आई तो इसे रद्द कर दिया गया. अगले दो दिनों में NTA ने NEET-PG और CSIR-NET की परीक्षा को भी रद्द कर दिया. अब सवाल उठता है कि क्या NTA के पुनर्गठन की जरूरत है.

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी यानी NTA की आलोचनाओं और उसपर उठ रहे सवालों के बीज अब इसके कार्य प्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं. एक्सपर्ट इस बात की चर्चा करने लगे हैं कि क्या इसके पुनर्गठन की आवश्यकता है? या फिर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त सुधारों की आवश्यकता है? हिंदुस्तान टाइम्स ने इसे लेकर कुछ एक्सपर्ट से बात की है. आइए जानें इसे लेकर एक्सपर्ट क्या कहते हैं?

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में एडमिशन और आउटरीच प्रोग्राम के निदेशक आकाश शर्मा ने कहा कि ये कई गंभीर मुद्दों को उजागर करता है. इसको ठीक करने के लिए सख्त प्रोटोकॉल की जरूरत है. इसमें ग्राउंड लेवल से लेकर हायर लेवल तक सुधार चाहिए. 

NIIMS (नोएडा) के OSD चेयरमैन राजवर्धन दीक्षित की मानें तो इसके पीछे कई कारण हैं. इसमें सुरक्षा की कमी, जवाबदेही की कमी और निजी लाभ के लिए भ्रष्ट अधिकारियों की मौजूदगी शामिल है. इसे सख्त सुरक्षा मानकों को सख्ती और जिम्मेदारी की संस्कृति से सुधारा जा सकता है.

राज वर्धन दीक्षित ने भी माना कि ग्रेस मार्क्स छात्रों और परीक्षाओं में निष्पक्षता की गारंटी दे सकता है. इसके बाद भी अभी के हालातों को देख लगता है कि इसका सावधानीपूर्वक अध्ययन किया जाना चाहिए. अगर ये गलत छात्र को दिया जाता है तो परीक्षा का महत्व कम हो जाएगा.

करियर एक्सपर्ट गौरव त्यागी इस पूरे मामले में कहते हैं कि इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए शैक्षणिक संस्थानों और छात्रों में ईमानदारी के साथ नैतिक मूल्यों की अहम भूमिका होगी. ग्रेस मार्क पर उन्होंने कहा कि ये निष्पक्षता को बढ़ावा देते हैं. हालांकि, दूसरा पक्ष इसमें ढील का है जो प्रतिस्पर्धात्मकता को कमजोर करता है. इस कारण आधारभूत परिवर्तन जरूरी है.

पुनर्गठन से क्या होगा?

NIIMS (नोएडा) के OSD राजवर्धन दीक्षित के अनुसार इसका पुनर्गठन फायदेमंद हो सकता है. इसमें अच्छी टेक्नोलॉजी के साथ फीडबैक के लिए स्थान देना चाहिए. इसके अलावा NTA कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, अस्पतालों और NTA के बीच कम्युनिकेशन जरूरी है.

करियर एक्सपर्ट गौरव त्यागी का मानना है कि पुनर्गठन से NTA विश्वसनीयता को बढ़ाया जा सकता है. लेकिन, तब जब इसमें प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाना, धोखाधड़ी के खिलाफ सख्त नियम और न्याय प्रक्रिया में सुधार शामिल हो. इसके साथ मूल्यांकन में सुधार भी जरूरी है.

क्या हुआ था मामला?

बता दें सरकार ने एहतियातन 23 जून को होने वाली NEET PG 2024 परीक्षा को स्थगित कर दिया था. इससे पहले, एनटीए ने सीएसआईआर-यूजीसी नेट की परीक्षा को स्थगित कर दिया था. इससे पहले परीक्षा होने के बाद यूजीसी नेट को रद्द कर दिया गया था. इसमें कहा गया था कि परीक्षा से समझौता हुआ है. तमाम चीजों के बाद शिक्षा मंत्रालय ने विशेषज्ञों की कमेटी बनाई है जो 2 महीने में अपनी सिफारिश देगी.