दिल्ली आबकारी नीति शराब घोटाले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और के.कविता समेत सभी 23 आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया. कोर्ट द्वारा अरविंद केजरीवाल को बरी किए जाने पर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.
अन्ना हजारे ने कहा कि कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया. वह निर्दोष साबित हुए है और अब सभी को कोर्ट के फैसले को मान लेना चाहिए. साल 2011 में भ्रष्टाचार के खिलाफ किए गए अपने आंदोलन के साथी रहे अरविंद केजरीवाल को बरी किए जाने को लेकर अन्ना हजारे ने कहा, 'हमारा देश अपनी न्यायिक और सुरक्षा व्यवस्था की ताकत पर चलता है. इतने बड़े राष्ट्र में विविध दल, जातियां, धर्म और समुदाय होने के बावजूद, न्यायपालिका की बदौलत ही यह सुचारू रूप से कार्य करता है. इसके बिना अराजकता और अशांति फैल जाएगी. अब जब अदालत ने फैसला सुना दिया है कि अरविंद केजरीवाल दोषी नहीं हैं, तो इसे स्वीकार करना ही होगा...'
जब उनसे पूछा गया कि पहले तो आपने अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए थे और इस घोटाले को आधुनिक भारत का सबसे बड़ा घोटाला बताया था. इस पर अन्ना हजारे ने कहा, 'मैंने पहले अरविंद केजरीवाल के बारे में जो कुछ कहा तब न्याय व्यवस्था का निर्णय नहीं था. अभी न्याय व्यवस्था ने निर्णय दे दिया है कि उनका कोई दोष नहीं है तो मानना पड़ेगा. अगर उस समय न्याय व्यवस्था का निर्णय होता तो हम ऐसा नहीं बोलते.'
VIDEO | As the Rouse Avenue Court discharges former Delhi CM Arvind Kejriwal and his deputy Manish Sisodia in the excise policy case, social activist Anna Hazare says, “Our country runs on the strength of its judicial and security systems. Despite being such a large nation with… pic.twitter.com/xpBCMf7s7m
— Press Trust of India (@PTI_News) February 27, 2026
शुक्रवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बरी करते हुए कहा कि दोनों के खिलाफ सबूत नहीं है, आरोप साबित नहीं होता. सीबीआई ने साजिश गढ़ने की कोशिश की लेकिन उनका सिद्धांत ठोस सबूतों की जगह अनुमान पर आधारित था.
कोर्ट के फैसले पर मनीष सिसोदिया ने कहा, 'हमें एक बार फिर गर्व हो रहा है अपने संविधान पर और बी आर अंबेडकर पर, जिन्होंने हमें संविधान दिया. सच की फिर से जीत हुई है.'
राउज एवेन्यू कोर्ट का फैसला आने के 6 घंटे बाद ही सीबीआई ने हाई कोर्ट का रुख किया और इस फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट से इसे रद्द करने की मांग की है.