दिल्ली की कथित आबकारी नीति घोटाला मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. अदालत ने अपने विस्तृत 600 पन्नों के आदेश में कहा कि मामले में आगे कार्रवाई के लिए पर्याप्त सामग्री नहीं पाई गई. इस फैसले के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रेस वार्ता कर इसे न्याय की जीत बताया. उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश ने स्पष्ट कर दिया है कि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत मौजूद नहीं था.
फैसले के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने कहा कि अदालत ने अपने आदेश में साफ लिखा है कि मामले में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला जिससे आरोप तय किए जा सकें. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक चले इस कानूनी संघर्ष के बाद सच्चाई सामने आई है. उनके मुताबिक, यह फैसला न केवल उनके लिए बल्कि उनके समर्थकों के लिए भी राहत लेकर आया है.
फैसले के बाद केजरीवाल ने भाजपा नेतृत्व पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश रची गई थी. उनका कहना था कि इस मामले का इस्तेमाल उनकी पार्टी को बदनाम करने के लिए किया गया. उन्होंने कहा कि अदालत का निर्णय उन आरोपों का जवाब है जो लंबे समय से लगाए जा रहे थे. इसके साथ ही केजरीवाल ने कहा कि बीजेपी के नेताओं को देश से माफी मांगनी चाहिए.
#WATCH | Delhi | AAP national convener Arvind Kejriwal says, "Two people, PM Modi and Amit Shah, hatched this conspiracy to finish Aam Aadmi Party. Today, they should apologise to the country....I have only earned honesty, not money..." pic.twitter.com/xaqoPh2FWs
— ANI (@ANI) February 27, 2026
केजरीवाल ने अपने वकीलों का विशेष रूप से धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि उनकी कानूनी टीम ने पूरे समर्पण के साथ अदालत में पक्ष रखा और तथ्यों को मजबूती से पेश किया. उन्होंने माना कि यह लड़ाई आसान नहीं थी, लेकिन धैर्य और भरोसे ने उन्हें मजबूती दी. पार्टी नेताओं ने भी इसे बड़ी राहत बताया.
इस फैसले के बाद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया. पार्टी ने इसे लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था की मजबूती बताया. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस निर्णय का असर आगामी चुनावी रणनीतियों पर पड़ सकता है. फिलहाल, केजरीवाल ने कहा है कि वे अब विकास और जनहित के मुद्दों पर फिर से पूरा ध्यान केंद्रित करेंगे.