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Vaishno Devi Yatra: नवरात्र से पहले आई खुशखबरी! 22 दिन बाद गूंजे 'जय माता दी' के नारे, खुला मां वैष्णो देवी के दरबार का रास्ता

Vaishno Devi Yatra Start Date: 22 दिन के लंबे इंतजार के बाद मां वैष्णो देवी यात्रा फिर से शुरू हो गई है. लैंडस्लाइड के कारण रोकी गई यह यात्रा अब सुरक्षित मार्ग और बेहतर मौसम के साथ भक्तों के लिए खोल दी गई है. श्रद्धालुओं के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं और नवरात्र में बड़ी संख्या में भक्तों के उमड़ने की संभावना है.

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Edited By: Babli Rautela
Vaishno Devi Yatra: नवरात्र से पहले आई खुशखबरी! 22 दिन बाद गूंजे 'जय माता दी' के नारे, खुला मां वैष्णो देवी के दरबार का रास्ता
Courtesy: Social Media

Vaishno Devi Yatra Start Date: नवरात्र से पहले मां वैष्णो देवी के भक्तों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. करीब 22 दिन बाद मां वैष्णो देवी यात्रा एक बार फिर से शुरू हो गई है. 'जय माता दी' के नारों से त्रिकुटा पहाड़ियों की घाटियां गूंज उठीं, जब भक्तों ने बुधवार सुबह से दोबारा यात्रा शुरू की है. जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर की तीर्थयात्रा को 26 अगस्त को विनाशकारी लैंडस्लाइड के बाद रोक दिया गया था. इस हादसे में 34 लोगों की मौत हो गई थी और 20 से अधिक लोग घायल हो गए थे. अब मौसम में सुधार और मार्ग के सुरक्षित होने के बाद श्राइन बोर्ड (SMVDSB) ने यात्रा बहाल कर दी है.

श्राइन बोर्ड की ओर से बताया गया कि बुधवार सुबह 6 बजे से बाणगंगा दर्शनी द्वार से यात्रा शुरू कर दी गई है. साथ ही तीर्थयात्रियों को सुरक्षा और सुविधा के लिए आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है.

श्रद्धालुओं में उत्साह और राहत

यात्रा दोबारा शुरू होने के बाद कटड़ा बेस कैंप में डेरा डाले श्रद्धालुओं के चेहरे खिल उठे हैं. सुबह-सुबह सैकड़ों श्रद्धालु यात्रा मार्ग पर उमड़ पड़े. महाराष्ट्र से आई एक महिला श्रद्धालु ने कहा, 'हमें बेहद खुशी है कि यात्रा फिर से शुरू हो गई है. हम दो दिन पहले पुणे से पहुंचे थे और इंतजार करना मुश्किल था. लेकिन हमें यकीन था कि दर्शन जरूर होंगे.'

श्राइन बोर्ड के एक अधिकारी ने भी इसे आस्था और सामूहिक धैर्य की जीत बताया. उन्होंने कहा, 'यात्रा का फिर से शुरू होना हमारी सामूहिक आस्था और दृढ़ता की पुष्टि है. बोर्ड इस पवित्र स्थल की गरिमा और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है.'

सुरक्षा इंतजाम और नियम

यात्रियों को वैध पहचान पत्र साथ रखने, निर्धारित मार्गों पर ही चलने और स्थानीय कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है. सभी के लिए RFID कार्ड आधारित ट्रैकिंग अनिवार्य कर दी गई है, ताकि हर यात्री का रिकॉर्ड और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. श्राइन बोर्ड ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या अफवाहों के बजाय केवल आधिकारिक माध्यमों से ही अपडेट प्राप्त करें.

अब जबकि मार्ग सुरक्षित घोषित कर दिया गया है, आने वाले दिनों में खासकर 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक चलने वाले नवरात्र के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए पहुंचने की उम्मीद है. इस बीच प्रशासन भी सुरक्षा और सुविधाओं की तैयारियों में जुट गया है.