menu-icon
India Daily

डोनाल्ड ट्रंप अपने ही देश में हो रहे ट्रोल! फंड रोकने के मामले में एक नया मुकदमा दायर

डोनाल्ड ट्रंप अपने नीतियों के कारण ना केवल दूसरे देशों में बल्कि अपने खुद के देश में भी आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं. कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों और छात्रों ने मिलकर मुकदमा दायर किया है, जिसमें प्रशासन के खिलाफ शैक्षणिक स्वतंत्रता को कम करने का आरोप लगा है.

shanu
Edited By: Shanu Sharma
डोनाल्ड ट्रंप अपने ही देश में हो रहे ट्रोल! फंड रोकने के मामले में एक नया मुकदमा दायर
Courtesy: Social Media

Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने टैरिफ नीति के कारण पूरी दुनिया में विरोध का सामना कर रहे हैं. हालांकि उनका विरोध ना केवल अन्य देशों में बल्कि उनके खुद के देश में भी हो रहा है. अमेरिका की एक यूनिवर्सिटी ने सरकार द्वारा फंड रोके जाने के खिलाफ मोर्चा खोला है. 

कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों और छात्रों के साथ-साथ अन्य कर्मचारियों ने मिलकर एक मुकदमा दायर किया है. जिसमें ट्रंप प्रशासन के खिलाफ शैक्षणिक स्वतंत्रता को कम करने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कमजोर करने का आरोप लगा है. 

क्या है पूरा मामला?

यूनिवर्सिटी द्वारा यह मुकदमा ट्रंप प्रशासन द्वारा कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, लॉस एंजिल्स पर 1.2 बिलियन डॉलर का जुर्माना लगाने और अनुसंधान निधि को रोकने के कुछ हफ़्ते बाद आया है. वहीं प्रशासन ने परिसर में यहूदी-विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने और अन्य नागरिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया था. यह पहला सार्वजनिक यूनिवर्सिटी था जिसे व्यापक रूप से निधि रोकी गई थी. इससे पहले ट्रंप प्रशासन द्वारा हार्वर्ड, ब्राउन और कोलंबिया सहित प्रतिष्ठित निजी कॉलेजों के खिलाफ इसी तरह के आरोपों के कारण संघीय निधि को रोक दिया गया है. मुकदमे के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने यूसीएलए को अपने प्रस्तावित समझौता प्रस्ताव में कई मांगें रखी हैं. जिनमें सरकार को संकाय, छात्र और कर्मचारियों के डेटा उपलब्ध कराने की बात कही गई है. इसके अलावा प्रवेश और भर्ती डेटा जारी करना, विविधता छात्रवृत्ति समाप्त करना, यूनिवर्सिटी की संपत्ति पर रात भर के प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाना और आव्रजन प्रवर्तन में सहयोग करना शामिल है.

ट्रंप प्रशासन के कारण अमेरिकियों पर खतरा 

कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी प्रणाली के प्रवक्ता, स्टेट होलब्रुक ने कहा कि हालांकि यूनिवर्सिटी इस मुकदमे में शामिल नहीं है, फिर भी वह वित्त पोषण को बहाल करने और बनाए रखने के लिए कई कानूनी और वकालत प्रयासों का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि शोध निधि में कटौती करना जैव चिकित्सा अनुसंधान के लिए बहुत बड़ा खतरा है. इससे प्रशासन उन अमेरिकियों के स्वास्थ्य को खतरे में डालती है जो यूनिवर्सिटी के अत्याधुनिक चिकित्सा विज्ञान और नवाचार पर निर्भर हैं. मुकदमा दायर करने वाले गठबंधन का नेतृत्व अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ़ यूनिवर्सिटी प्रोफ़ेसर यूनियन, या AAUP, करता है. वहीं इसका प्रतिनिधित्व डेमोक्रेसी फ़ॉरवर्ड करता है, जो एक कानूनी समूह है जिसने जमे हुए संघीय धन को लेकर ट्रंप प्रशासन के खिलाफ अन्य मुकदमे दायर किए हैं. यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष जेम्स मिलिकेन का मानना है कि 157 साल के इतिहास में कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी पर सबसे गंभीर खतरों में से एक है.