दुनिया के तेल बाजार में अमेरिका, रूस और सऊदी अरब तीन बड़े नाम हैं. हालांकि इन तीनों की भूमिका अलग-अलग है. कच्चे तेल का सबसे ज्यादा उत्पादन अमेरिका करता है, जबकि कच्चे तेल के निर्यात में सऊदी अरब की अहम भूमिका है. रूस भी दुनिया के बड़े तेल उत्पादकों और निर्यातकों में शामिल है.
भारत की रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर अमेरिका की टैरिफ नीति के बीच ग्लोबल ऑयल मार्केट एक बार फिर चर्चा में है. रूस भारत और चीन जैसे देशों को बड़ी मात्रा में कच्चा तेल बेचता है. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि दुनिया में सबसे ज्यादा तेल कौन निकालता है और सबसे ज्यादा तेल कौन दूसरे देशों को बेचता है.
अमेरिकी एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (EIA) के अनुसार, 2025 में अमेरिका ने औसतन करीब 13.6 मिलियन बैरल प्रतिदिन कच्चे तेल का उत्पादन किया. इसके साथ अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा क्रूड ऑयल प्रोड्यूसर रहा. अमेरिका 2018 से लगातार दुनिया का सबसे बड़ा क्रूड ऑयल उत्पादक बना हुआ है. 2025 में रूस करीब 9.9 मिलियन बैरल प्रतिदिन और सऊदी अरब करीब 9.6 मिलियन बैरल प्रतिदिन उत्पादन के साथ उसके बाद रहे.
यहां उत्पादन और निर्यात के बीच अंतर समझना जरूरी है. सबसे ज्यादा तेल निकालने वाला देश जरूरी नहीं कि सबसे ज्यादा कच्चा तेल दूसरे देशों को बेचे. कच्चे तेल के वैश्विक निर्यात में सऊदी अरब लंबे समय से सबसे बड़े निर्यातकों में शामिल है. इसके बाद रूस और कनाडा जैसे देश महत्वपूर्ण निर्यातक हैं.
रूस पर पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद भारत और चीन जैसे एशियाई बाजार उसके कच्चे तेल के बड़े खरीदार बने हुए हैं. सऊदी अरब की खास स्थिति यह है कि वह अपनी बड़ी उत्पादन क्षमता के साथ घरेलू जरूरतों से अधिक तेल का निर्यात भी करता है. इसी वजह से वैश्विक क्रूड ट्रेड में उसका प्रभाव काफी बड़ा है.
अगर सवाल सबसे ज्यादा कच्चा तेल निकालने का है, तो जवाब अमेरिका है. 2025 में उसका उत्पादन करीब 13.6 मिलियन बैरल प्रतिदिन रहा. वहीं अगर सवाल कच्चे तेल के बड़े निर्यातक का है, तो सऊदी अरब का नाम सबसे प्रमुख है. रूस भी इस बाजार का बड़ा खिलाड़ी है.
2025 के उत्पादन आंकड़ों में अमेरिका करीब 13.6 मिलियन बैरल प्रतिदिन के साथ पहले, रूस करीब 9.9 मिलियन और सऊदी अरब करीब 9.6 मिलियन बैरल प्रतिदिन के साथ उसके बाद रहे. कनाडा करीब 4.9, इराक 4.4, चीन 4.3, ईरान 4.2, यूएई 3.8, ब्राजील 3.7 और कुवैत करीब 2.6 मिलियन बैरल प्रतिदिन उत्पादन करते हैं यानी आसान भाषा में समझें तो उत्पादन का किंग अमेरिका है, जबकि वैश्विक कच्चे तेल के निर्यात में सऊदी अरब की स्थिति बेहद मजबूत है. दोनों को एक ही पैमाने पर देखना सही नहीं होगा.