नई दिल्ली: मुंबई और आसपास के इलाकों में मानसून ने तेज रफ्तार पकड़ ली है. लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते कई हिस्सों में जलभराव और भूस्खलन जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं. सबसे बड़ा असर मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर देखने को मिला, जहां मिसिंग लिंक टनल के पास पहाड़ी से भारी मलबा गिरने के बाद दोनों ओर से यातायात रोकना पड़ा. इस घटना ने हाल ही में शुरू हुए बहुचर्चित प्रोजेक्ट की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है.
सोमवार तड़के करीब 3.30 बजे मिसिंग लिंक टनल के पास अचानक भूस्खलन हुआ. लगातार बारिश के कारण पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया. सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और पुराने हाईवे पर वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी. इससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा.
करीब 6695 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन 1 मई 2026 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया था. उद्घाटन के कुछ ही सप्ताह बाद सड़क पर गड्ढों की शिकायतें सामने आई थीं. अब भूस्खलन की घटना के बाद निर्माण गुणवत्ता और इंजीनियरिंग मानकों को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं.
महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम के अनुसार खालापुर टोल प्लाजा के पास मलबा हटाने के लिए कई घंटे तक अभियान चलाया गया. भारी मशीनों की मदद से सड़क साफ की गई. पानी का स्तर कम होने के बाद दोपहर तक यातायात बहाल कर दिया गया, लेकिन सुरक्षा कारणों से वाहनों की रफ्तार सीमित रखी गई.
भारी बारिश का असर केवल सड़क मार्ग तक सीमित नहीं रहा. कर्जत-लोनावला रेलखंड में भूस्खलन के कारण कई प्रमुख ट्रेनों को रद्द करना पड़ा, जबकि कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों के मार्ग बदल दिए गए. इससे हजारों यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुईं और रेलवे को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी.
मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है. बीते 24 घंटों में 105.24 मिमी बारिश दर्ज की गई. तेज हवाओं और लगातार वर्षा की संभावना को देखते हुए लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है. अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है.