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महिला सांसदों पर टिप्पणी पड़ी भारी! TMC सांसद कल्याण बनर्जी पूरे मानसून सत्र से सस्पेंड

लोकसभा में महिला सांसदों पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद TMC सांसद कल्याण बनर्जी को मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया. सदन ने ध्वनिमत से प्रस्ताव पारित कर कार्यवाही को मंजूरी दी.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
महिला सांसदों पर टिप्पणी पड़ी भारी! TMC सांसद कल्याण बनर्जी पूरे मानसून सत्र से सस्पेंड
Courtesy: ANI

लोकसभा के मानसून सत्र के दौरान तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ बड़ी कार्यवाही की गई है. महिला सांसदों पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी और सदन की गरिमा प्रभावित करने के आरोप में उन्हें शेष मानसून सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया. यह फैसला लोकसभा में पेश किए गए प्रस्ताव पर ध्वनिमत से लिया गया. इस घटनाक्रम के बाद संसद में राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है.

सदन में कैसे बढ़ा विवाद

बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे दोबारा शुरू होने पर पीठासीन अधिकारी कृष्ण प्रसाद टेनेटी ने सांसदों की शिकायत का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि कल्याण बनर्जी की टिप्पणियां सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं थीं. इसके बाद केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने निलंबन का प्रस्ताव सदन के सामने रखा.

ध्वनिमत से पारित हुआ प्रस्ताव

विपक्ष की नारेबाजी के बीच सदन में प्रस्ताव पर ध्वनिमत से मंजूरी दे दी गई. प्रस्ताव पारित होते ही पीठासीन अधिकारी ने कल्याण बनर्जी को लोकसभा परिसर छोड़ने का निर्देश दिया. यह निलंबन मानसून सत्र की शेष अवधि तक प्रभावी रहेगा, जो 13 अगस्त तक निर्धारित है.

महिला सांसदों से हुई तीखी बहस

इस कार्यवाही से पहले सदन स्थगित होने के दौरान कल्याण बनर्जी की कुछ महिला सांसदों के साथ तीखी बहस हुई थी. इस विवाद में मिताली बाग, शताब्दी रॉय और काकोली घोष दस्तीदार शामिल थीं. हालांकि विवाद की शुरुआत किस वजह से हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.

अध्यक्ष से की गई शिकायत

घटना के बाद संबंधित सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर मामले की शिकायत की. सूत्रों के अनुसार अध्यक्ष ने पूरे घटनाक्रम पर लिखित शिकायत देने को कहा. इसके बाद शिकायत के आधार पर सदन में आगे की प्रक्रिया शुरू की गई.

राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा

कल्याण बनर्जी के निलंबन के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है. संसद में सदस्यों के आचरण और मर्यादा को लेकर फिर चर्चा शुरू हो गई है. अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि इस घटनाक्रम पर संबंधित दलों की आगे क्या प्रतिक्रिया सामने आती है.