लोकसभा में मंगलवार को कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि रक्षामंत्री के लंबे भाषण के बावजूद उन्होंने एक अहम सवाल का जवाब नहीं दिया आखिर पहलगाम हमला कैसे और क्यों हुआ?
प्रियंका गांधी ने कहा कि जिस जगह रोजाना हजारो पर्यटक जाते हैं, क्या सरकार को इसकी जानकारी नहीं थी? वहां कोई उचित सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी, न ही प्राथमिक चिकित्सा का इंतजाम. उन्होंने कहा कि देशवासी सरकार पर भरोसा करके पहलगाम गए थे, लेकिन सरकार ने उन्हें भगवान के भरोसे छोड़ दिया.
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या देश के नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री की नहीं है? क्या यह गृहमंत्री और रक्षामंत्री की नहीं है? उन्होंने कहा कि देश की जनता जब संकट में हो, तब सरकार की भूमिका सिर्फ जवाबदेही से बचने की नहीं हो सकती.
गृह मंत्री जी ने कहा कि पाकिस्तान के पास शरण में आने के बजाए कोई चारा नहीं था।
— Congress (@INCIndia) July 29, 2025
सवाल है- आपने शरण दी क्यों?
आतंकी हमारे देश में आकर लोगों को मार डालते हैं और आप उन्हें शरण दे रहे हैं। आपने इस बात का जवाब अपने एक भी भाषण में क्यों नहीं दिया?
जैसे ही शरण की बात उठी, गृह मंत्री… pic.twitter.com/4h6TOnTZBg
प्रियंका गांधी ने अपने भाषण में पहलगाम हमले के पीड़ित शुभम की पत्नी के शब्दों को सदन में रखा. उन्होंने कहा कि शुभम की पत्नी ने मुझसे कहा कि मैंने अपनी पूरी दुनिया को खत्म होते देखा. वहां एक भी सुरक्षा गार्ड नहीं था. मैं कह सकती हूं कि देश और सरकार ने हमें वहां अनाथ छोड़ दिया.
उन्होंने संसद में यह सवाल भी रखा कि इस तरह के हमलों का आखिर कौन जिम्मेदार है? उन्होंने पूछा कि हमारे देशवासी मारे गए और सरकार चुप रही, क्यों?
प्रियंका गांधी ने रक्षामंत्री के एक घंटे लंबे भाषण को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्होंने बहुत कुछ कहा लेकिन सबसे अहम सवाल का जवाब नहीं दिया कि ये हमला कैसे हुआ और इसे रोका क्यों नहीं गया?
प्रियंका गांधी ने कहा कि इस देश की जनता सरकार से जवाब चाहती है. हम कैसी सरकार चला रहे हैं? अगर हमलोग अपने लोगों को सुरक्षित नहीं रख सकते. उन्होंने सरकार से यह भी मांग की कि पीड़ितों के परिवारों को न्याय मिले और इस हमले की पूरी पारदर्शिता से जांच हो.