देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के विरोध में छात्रों और CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) का आंदोलन लगातार जारी है. देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे छात्र परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं. इसी बीच पिछले 26 दिनों से आमरण अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने आंदोलनकारियों से संयम और शांति बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने कहा कि आंदोलन की ताकत उसकी अहिंसक प्रकृति में है और इसे हर हाल में बरकरार रखा जाना चाहिए.
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर अपने संदेश में लिखा, "दिन 26... शांति और सिर्फ़ शांति ही मेरा रास्ता है." उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन अब तक शांतिपूर्ण ढंग से चल रहे हैं, लेकिन उन्हें जानकारी मिली है कि कुछ अन्य स्थानों पर असामाजिक तत्व इस आंदोलन का फायदा उठाकर हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि किसी भी उकसावे का जवाब हिंसा से नहीं, बल्कि शांति और संयम से दिया जाए. वांगचुक ने कहा कि सामने वाला पक्ष चाहे जैसा व्यवहार करे, आंदोलनकारियों की प्रतिक्रिया हमेशा शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक होनी चाहिए.
DAY 26
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 23, 2026
PEACE & ONLY PEACE IS MY WAY…
While at Jantar Mantar the protests remain peaceful I’m pained to learn that elsewhere some antisocial elements are taking advantage of the peaceful protests to provoke violence.
No matter what the other side does our response must only be…
जंतर-मंतर पर CJP और छात्रों का संयुक्त आंदोलन अब 31वें दिन में प्रवेश कर चुका है. प्रदर्शनकारी NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. आंदोलन के दौरान छात्रों ने कई बार कहा है कि उनका उद्देश्य केवल परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. इसी मुद्दे को लेकर संसद के मानसून सत्र में भी सरकार और विपक्ष के बीच लगातार टकराव बना हुआ है.
आंदोलन के समानांतर सरकार और प्रदर्शनकारी पक्ष के बीच बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने हाल ही में प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत की इच्छा जताई थी और सरकारी स्तर पर वार्ता का प्रस्ताव भी दिया था. हालांकि सूत्रों के अनुसार CJP किसी केंद्रीय मंत्री के सरकारी आवास या कार्यालय में बैठक के लिए तैयार नहीं है. संगठन का कहना है कि बातचीत किसी तटस्थ स्थान पर होनी चाहिए, ताकि दोनों पक्ष समान आधार पर चर्चा कर सकें. ऐसे में एक ओर आंदोलन जारी है तो दूसरी ओर समाधान की दिशा में संवाद का रास्ता अभी भी खुलने का इंतजार कर रहा है.