menu-icon
India Daily

'महिलाओं पर बल प्रयोग बेहद पीड़ादायक'... प्रदर्शनकारी छात्रों के पक्ष में बोले दिग्गज बीजेपी नेता मुरली मनोहर जोशी

बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में चिंता जताई है. उन्होंने छात्रों की मांगों को गंभीर बताते हुए सरकार से संवेदनशील रवैया अपनाने और बल प्रयोग के बजाय संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
'महिलाओं पर बल प्रयोग बेहद पीड़ादायक'... प्रदर्शनकारी छात्रों के पक्ष में बोले दिग्गज बीजेपी नेता मुरली मनोहर जोशी
Courtesy: social media

दिल्ली में परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जारी छात्र आंदोलन के बीच बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी का बयान सामने आया है. उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा कि उनकी चिंताओं को केवल कानून-व्यवस्था का विषय मानना उचित नहीं होगा.

छात्रों की चिंताओं को बताया वास्तविक

मुरली मनोहर जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से आए छात्र कई दिनों से राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं. उनके मुताबिक छात्रों की समस्याएं और सवाल वास्तविक हैं, इसलिए उन्हें गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार को इस पूरे मामले को केवल प्रशासनिक चुनौती मानने के बजाय दीर्घकालिक समाधान की दिशा में कदम उठाने चाहिए, ताकि युवाओं का विश्वास बना रहे.

बल प्रयोग पर जताई नाराजगी

वरिष्ठ भाजपा नेता ने प्रदर्शन के दौरान महिलाओं और छात्राओं पर बल प्रयोग की खबरों पर भी दुख व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं बेहद पीड़ादायक हैं और लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद को प्राथमिकता मिलनी चाहिए. उनका मानना है कि युवाओं के साथ कठोर व्यवहार देश के विकास के लक्ष्य के लिए भी उचित संकेत नहीं देता और इससे समाज में नकारात्मक संदेश जाता है.

सरकार ने फिर दोहराया बातचीत का प्रस्ताव

इस बीच केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आंदोलन कर रहे छात्रों से बातचीत की अपील दोहराई. उन्होंने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर विस्तार से चर्चा करने के लिए तैयार है और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के नेतृत्व में छात्रों से बातचीत की जा सकती है. उनके अनुसार पिछले 24 घंटों में कई बार वार्ता का प्रस्ताव दिया जा चुका है. सरकार का कहना है कि नीट समेत सभी विवादित मुद्दों का समाधान केवल संवाद और आपसी सहमति से ही संभव है.