देशभर में परीक्षा अनियमितताओं और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच क्रिकेट के महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर ने युवाओं के पक्ष में अपनी बात रखी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि समाज को ऐसा माहौल बनाना चाहिए, जहां मेहनत को सम्मान मिले, ईमानदारी को बढ़ावा दिया जाए और प्रतिभा के आधार पर सफलता तय हो.
सचिन तेंदुलकर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि उनके पिता प्रोफेसर थे और बचपन से उन्होंने एक बात सिखाई थी कि असफलता स्वीकार की जा सकती है, लेकिन धोखा देना कभी स्वीकार नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि समाज केवल परिणाम को महत्व देगा, तो लोग मेहनत की बजाय गलत रास्ते अपनाने लगेंगे. इसलिए जरूरी है कि युवाओं को ऐसा वातावरण मिले, जहां उनकी मेहनत का सही मूल्यांकन हो और उन्हें न्याय मिले.
तेंदुलकर ने कहा कि जब छात्रों को लगता है कि उनकी मेहनत का उचित परिणाम नहीं मिला, तो उनका निराश होना स्वाभाविक है. उन्होंने समाज, अभिभावकों, शिक्षकों, स्कूलों और प्रशासन से मिलकर ऐसी व्यवस्था बनाने की अपील की, जिससे भविष्य में छात्रों का भरोसा शिक्षा प्रणाली पर बना रहे. उनका मानना है कि देश की युवा पीढ़ी ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है और उनके सपनों की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है.
— Sachin Tendulkar (@sachin_rt) July 23, 2026
सचिन का यह बयान ऐसे समय आया है, जब परीक्षा से जुड़े विवादों को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें बनाने की घोषणा की है. वहीं ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा ने भी शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की जरूरत बताते हुए कहा कि छात्रों का विश्वास और प्रतिभा किसी भी देश की सबसे बड़ी पूंजी होती है.