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Navratri 2025: शुरू हुआ नवरात्रि का नौ दिवसीय उत्सव, देशभर के मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़; वीडियो

Navratri 2025: देशभर में शारदीय नवरात्रि 2025 की शुरुआत भक्तिमय माहौल में हुई. मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और मां शैलपुत्री की पूजा के साथ कलश स्थापना की गई. दिल्ली, मुंबई और मध्य प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में विशेष अनुष्ठान हुए. नौ दिन तक चलने वाले इस पर्व का समापन 2 अक्टूबर को विजयादशमी पर होगा.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
Navratri 2025: शुरू हुआ नवरात्रि का नौ दिवसीय उत्सव, देशभर के मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़; वीडियो
Courtesy: @ANI x accont

Navratri 2025: आज शारदीय नवरात्रि के पर्व की शुरुआत होते ही, देश भर के मंदिरों में देवी दुर्गा और उनके नौ रूपों की पूजा-अर्चना करने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी. देवी दुर्गा और उनकी नौ शक्तियों की उपासना के इस पर्व की शुरुआत घृतस्थापना और मां शैलपुत्री की पूजा के साथ हुई. सुबह से ही देश के विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा. जगह-जगह भव्य सजावट, रोशनी और धार्मिक कार्यक्रमों ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक बना दिया.

दिल्ली के कालकाजी मंदिर और झंडेवाला मंदिर में हजारों भक्तों ने मां दुर्गा के दर्शन किए. छतरपुर स्थित श्री आद्या कात्यायनी शक्तिपीठ मंदिर में भी भक्तों की भीड़ उमड़ी. मुंबई के प्रसिद्ध मुंबादेवी मंदिर में ककड़ आरती का आयोजन किया गया, जिससे नौ दिवसीय उत्सव का विधिवत आरंभ हुआ.

श्रद्धालुओं की भारी भीड़

मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई. मान्यता है कि महाभारत काल में पांडवों ने यहीं मां बगलामुखी की आराधना की थी, जिससे इस मंदिर का महत्व और बढ़ जाता है. नवरात्रि का यह नौ दिवसीय पर्व पूरे देश में रंगों, आस्था और उल्लास के साथ मनाया जाता है.

प्रत्येक दिन देवी दुर्गा के एक अलग स्वरूप की पूजा होती है, जिन्हें नवदुर्गा कहा जाता है. यह स्वरूप शक्ति, करुणा और ज्ञान का प्रतीक माने जाते हैं. भक्त इस दौरान व्रत रखते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं और गरबा व डांडिया जैसे पारंपरिक नृत्यों में भाग लेते हैं.

मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना 

आज मां शैलपुत्री की पूजा के साथ नवरात्रि की शुरुआत हुई. भक्तों ने शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना कर व्रत का संकल्प लिया. पूजा में मां से शक्ति, शुद्धता और समृद्धि की कामना की गई. देशभर के घरों और मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की गई. यह पर्व न केवल धार्मिक महत्व रखता है बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक उत्सव का भी प्रतीक है. शाम को गरबा और डांडिया की धुनों पर श्रद्धालु झूमते हुए नजर आए. कोलकाता में भव्य दुर्गा पंडालों की तैयारियां भी पूरी हो गई हैं, जहां आने वाले दिनों में लाखों लोग माता के दर्शन करेंगे. शारदीय नवरात्रि का समापन 2 अक्टूबर को विजयादशमी (दशहरा) के साथ होगा. इस दिन बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश पूरे देश में गूंजेगा. आने वाले नौ दिन आस्था, तपस्या और सांस्कृतिक उल्लास से परिपूर्ण रहने वाले हैं.