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बजट में करदाताओं को क्या मिला, क्या टूट गईं उम्मीदें या है राहत की खबर? जानें पूरी डिटेल

करदाता इस बार भी बजट में टैक्स कटौती की उम्मीद लगाकर बैठे थे लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. इस बार इनकम टैक्स स्लैब में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
बजट में करदाताओं को क्या मिला, क्या टूट गईं उम्मीदें या है राहत की खबर? जानें पूरी डिटेल
Courtesy: pinterest

केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लगातार 9वीं बार केंद्रीय बजट पेश किया. करदाता इस बार भी बजट में टैक्स कटौती की उम्मीद लगाकर बैठे थे लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. इस बार इनकम टैक्स स्लैब में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है. नया टैक्स रिजीम अब डिफॉल्ट है, जिसमें टैक्स की दरें कम हैं लेकिन ज्यादातर छूट और डिडक्शन नहीं मिलते. साथ ही, नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 अप्रैल 1 से लागू होगा, जो 60 साल पुराने कानून की जगह लेगा.

वित्त वर्ष 31 मार्च को खत्म हो रहा है. इसलिए करदाताओं के पास अभी थोड़ा समय है, जिसमें वे कानूनी तरीके से टैक्स कम कर सकते हैं. अगर समय पर निवेश या खर्च नहीं किया तो टैक्स ज्यादा लग सकता है और जुर्माना भी हो सकता है.

टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं

नए टैक्स रिजीम में 12 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स जीरो है. इसके बाद की स्लैब 5 प्रतिशत से 30 प्रतिशत तक हैं. पुराना रिजीम ज्यादा दरों वाला है लेकिन कई डिडक्शन मिलते हैं. नया रिजीम डिफॉल्ट होने के बावजूद, ITR फाइल करते समय पुराना रिजीम चुन सकते हैं. अगर डिडक्शन लेना है तो पुराना रिजीम बेहतर रहेगा.

टैक्स बचाने के लिए 31 मार्च से पहले क्या करें 

सबसे पहले देखें कि आपके लिए कौन सा रिजीम फायदेमंद है. पुराने रिजीम में सेक्शन 80C सबसे अच्छा तरीका है. इसमें 1.5 लाख तक डिडक्शन मिलता है.

इसमें कर्मचारी भविष्य निधि (EPF)
पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF)
ELSS म्यूचुअल फंड
लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम
होम लोन का मूलधन चुकाना
बच्चों की स्कूल फीस शामिल है.

कई सैलरीड लोग इस लिमिट का पूरा फायदा नहीं उठाते. अभी PPF में जमा या ELSS में निवेश कर सकते हैं.

हेल्थ इंश्योरेंस से बचत

सेक्शन 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर डिडक्शन मिलता है. खुद, पति/पत्नी और बच्चों के लिए 25 हजार तक का डिडक्शन मिलता है. माता-पिता के लिए अतिरिक्त 25 हजार का डिडक्शन मिलता है. अगर माता-पिता सीनियर सिटीजन हैं तो 50 हजार तक का डिडक्शन मिलता है. डिडक्शन का फायदा लेने के लिए  प्रीमियम 31 मार्च से पहले चुकाना जरूरी है.

होम लोन के फायदे

होम लोन लेने वालों को सेक्शन 24(b) के तहत ब्याज पर 2 लाख तक डिडक्शन मिलता है. मूलधन चुकाने पर 80C में शामिल होता है. नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में सेक्शन 80CCD(1B) के तहत अतिरिक्त 50 हजार का डिडक्शन मिलता है, जो 80C की 1.5 लाख से अलग है.

डोनेशन पर छूट

सेक्शन 80G के तहत अप्रूव्ड चैरिटी में डोनेशन पर डिडक्शन मिलता है. सही रसीद रखें और संगठन रजिस्टर्ड हो.

कैपिटल गेन और लॉस चेक करें

शेयर, म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी बेची है तो कैपिटल गेन देखें. लॉन्ग टर्म गेन बचाने के लिए सेक्शन 54EC बॉन्ड में निवेश करें. लॉस को गेन से सेट ऑफ कर सकते हैं. बाकी लॉस 8 साल तक कैरी फॉरवर्ड हो सकता है.

सैलरी छूट चेक करें

HRA, LTA, मील कूपन, टेलीफोन-इंटरनेट रिम्बर्समेंट जैसी छूट अगर लागू हैं तो क्लेम करें. 

दस्तावेज तैयार रखें

सारे प्रूफ जैसे निवेश प्रमाण, इंश्योरेंस रसीद, किराया रसीद, डोनेशन सर्टिफिकेट इकट्ठा करें. कागजात गुम होने से डिडक्शन छूट जाता है. बजट में मिडिल क्लास के लिए कोई बड़ा राहत नहीं है, लेकिन समय पर प्लानिंग से टैक्स बचाया जा सकता है. नया टैक्स कानून अप्रैल से आएगा, जो नियमों को आसान बनाएगा.