नई दिल्ली: भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को आज उनकी जयंती पर देश याद कर रहा है. राजीव गांधी की हत्या साल 1991 में एक चुनावी रैली के दौरान बम धमाके के कारण हुई थी. राजीव गांधी की हत्या ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था. हत्या की जिम्मेदारी एक सशस्त्र तमिल अलगाववादी संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम ने ली थी.
1991 में हुई थी हत्या
साल था 1991 तारीख थी 21 मई जब राजीव गांधी चुनाव के प्रचार-प्रसार में व्यस्त थे. 21 मई को विशाखापट्टनम में प्रचार करने के बाद राजीव गांधी श्रीपेरंबदूर पहुंचे थे. यहां पहुंचने पर लोगों ने राजीव गांधी का जोरदार स्वागत किया था. रैली स्थल पर दो गैलरी बनाई गई थी, एक पुरुषों के लिए और दूसरा महिलाओं के लिए. रैली स्थल पर महिला गैलरी में हमलावर थी मौजूद थी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जब राजीव गांधी महिला गैलरी का दौरा कर रहे थे उस दौरान एक महिला उनके पास आ रही थी. पुलिसकर्मी ने जब रोकने की कोशिश की तब राजीव गांधी ने ऐसा करने से मना किया.
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महिला ने किया विस्फोट
थेनमोझी राजारत्नम और धनु के नामक महिला ने जब राजीव गांधी से मिलने के बाद पैर छूने के लिए झुकी तो उसके कमर के पास बंधा हुआ आरडीएक्स विस्फोटक से भरी बेल्ट के बटन दबने से विस्फोट हो गया. इस धमाके में राजीव गांधी और उनकी हत्या में शामिल धनु समेत कई लोगों की मौत हो गई थी. इस धमाके में बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए थे.
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