संसद के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को विपक्षी दलों ने कथित राम मंदिर चंदा घोटाले के आरोपों को लेकर संसद परिसर में अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया. मकर द्वार की सीढ़ियों के पास आयोजित इस सांकेतिक नाटक में पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने मुख्य भूमिका निभाई. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सहित कई विपक्षी सांसद भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए. विपक्ष ने इस मुद्दे के साथ-साथ छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस कार्रवाई पर भी केंद्र सरकार को घेरते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में जवाब देने की मांग की.
नाटक के दौरान पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर और भगवान राम का चित्र हाथ में लेकर मंदिर के पुजारी के रूप में नजर आए. प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों ने प्रतीकात्मक रूप से दानपात्र में चंदा डाला. इसके बाद नाटक में दिखाया गया कि पुजारी दानपात्र में राशि डालने के बजाय उसे अपनी जेब में रख लेता है. समाजवादी पार्टी के एक सांसद ने श्रद्धालु की भूमिका निभाते हुए कथित धन गबन पर सवाल उठाया. पूरे प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने "चंदा चोर, गद्दी छोड़", "जवाब तुमको देना होगा" और "अमित शाह, सदन में आओ" जैसे नारे लगाए.
VIDEO | A saffron-clad Independent MP Pappu Yadav along with other Opposition MPs enacted "theft" of donations at the Ram Temple in Ayodhya in Parliament complex on Friday.
— Press Trust of India (@PTI_News) July 31, 2026
The MPs kept donation boxes in front of the Makar Dwar steps and Independent MP Rajesh Ranjan, known as… pic.twitter.com/rEmDFRQveF
विपक्ष के इस प्रदर्शन पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि भगवा वस्त्र पहनकर इस तरह का नाटक करना संतों और सनातन परंपरा का अपमान है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल कर रहा है. भाजपा नेताओं ने इसे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने वाला कदम बताया.
भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि विपक्ष का भगवान राम से कोई वास्तविक जुड़ाव नहीं है और इस प्रदर्शन के जरिए भगवान राम, भगवा रंग तथा सनातन संस्कृति का अपमान किया गया है. उन्होंने पप्पू यादव की भूमिका की तुलना पौराणिक चरित्र कालनेमि से करते हुए प्रदर्शन को निंदनीय बताया. उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सांसदों के व्यवहार पर नाराजगी जताई और अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है.
यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि अयोध्या राम मंदिर में कथित चंदा गबन के आरोपों की जांच के लिए नई विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है. इस टीम की अध्यक्षता पुलिस महानिरीक्षक (IG) किरण एस कर रहे हैं. टीम में डीआईजी, एसपी और एएसपी स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं. सरकार का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.
राम मंदिर से जुड़े इस विवाद ने संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है. जहां विपक्ष सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं भाजपा इसे धार्मिक भावनाओं के अपमान और राजनीतिक नाटक करार दे रही है. अब इस मामले की जांच और संसद में होने वाली आगे की बहस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.