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India Daily

लाल किले से ऐलान के बाद एक्शन में आई मोदी सरकार, PM ने अगली पीढ़ी के सुधारों पर उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की

यह बैठक भारत को 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है. सरकार का लक्ष्य भारत को एक आत्मनिर्भर और नवाचार-प्रधान अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करना है. अगली पीढ़ी के सुधार न केवल आर्थिक प्रगति को मजबूती देंगे, बल्कि सामाजिक समानता और पर्यावरणीय स्थिरता को भी बढ़ावा देंगे.

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Edited By: Mayank Tiwari
PM Modi Chaired a meeting
Courtesy: X@narendramodi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोमवार, 18 अगस्त 2025 को अगली पीढ़ी के सुधारों के रोडमैप पर विचार-विमर्श के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. इस बैठक का उद्देश्य जीवन को आसान बनाने, व्यापार को आसान बनाने और समावेशी समृद्धि को बढ़ावा देने वाले त्वरित और व्यापक सुधार लाना शामिल है.

पीएम नरेंद्र मोदी ने X पर एक पोस्ट में कहा, "अगली पीढ़ी के सुधारों के रोडमैप पर चर्चा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की. उन्होंने आगे कहा कि हम सभी क्षेत्रों में त्वरित सुधारों के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे जीवन को आसान बनाने, कारोबार को आसान बनाने और समृद्धि को बढ़ावा मिलेगा.

अगली पीढ़ी के सुधारों का खाका

यह बैठक भारत को वैश्विक आर्थिक मंच पर और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इस बैठक में विभिन्न क्षेत्रों जैसे अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचा, डिजिटल नवाचार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधारों पर विचार-विमर्श किया गया. इन सुधारों का लक्ष्य न केवल आर्थिक विकास को गति देना है, बल्कि आम नागरिकों के लिए जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना भी है. सरकार का ध्यान ऐसे नीतिगत बदलावों पर है जो व्यवसायों के लिए अनुकूल माहौल बनाएं और निवेश को आकर्षित करें.

जीवन और कारोबार में आए सुगमता

वहीं, मोदी सरकार का फोकस ‘ईज ऑफ लिविंग’ और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने पर रहा है. इस बैठक में इस बात पर बल दिया गया कि सुधारों के माध्यम से नौकरशाही को कम किया जाए, प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए और तकनीक का उपयोग कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए. इसके साथ ही, रोजगार पैदा करने और समावेशी विकास को प्राथमिकता दी गई, ताकि समाज के हर वर्ग को इन सुधारों का फायदा मिल सके.