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PM Modi Mann ki Baat: नमो ड्रोन दीदी से लेकर बघीरा, गरुड़ App तक; मन की बात कार्यक्रम में क्या-क्या बोले PM Modi

PM Modi Mann ki Baat: पीएम मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' की शुरुआत 3 अक्टूबर 2014 को हुई थी. ये मासिक रेडियो कार्यक्रम हर महीने अलग-अलग विषयों पर केंद्रित होता है. पीएम मोदी का ये रेडियो कार्यक्रम 22 भारतीय भाषाओं और 29 बोलियों में प्रसारित होता है. इसके अलावा, पीएम मोदी का ये कार्यक्रम 11 विदेशी भाषाओं भी लोगों तक पहुंचता है. विदेशी भाषाओं में फ्रेंच, चीनी, इंडोनेशियाई, तिब्बती, बर्मी, बलूची, अरबी, पश्तू, फारसी, दारी और स्वाहिली शामिल है.

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India Daily Live
Courtesy: फाइल फोटो.

PM Modi Mann ki Baat:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार यानी आज अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 110वें एपिसोड के जरिए देश का संबोधित कर रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ दिनों बाद 8 मार्च को हम महिला दिवस मनाएंगे. ये खास दिन देश की विकास यात्रा में नारी शक्ति के योगदान को सलाम करने का मौका है. उन्होंने कहा कि महान कवि भरतियार जी ने कहा है कि दुनिया तभी समृद्ध होगी जब महिलाओं को समान अवसर मिलेंगे.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की नारी शक्ति हर क्षेत्र में प्रगति की नई ऊंचाइयों को छू रही है. उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले तक किसने सोचा था कि हमारे देश में गांव में रहने वाली महिलाएं भी ड्रोन उड़ाएंगी. लेकिन आज ये संभव हो रहा है. हर गांव में 'ड्रोन दीदी' की इतनी चर्चा है, हर किसी की जुबान पर 'नमो ड्रोन दीदी, नमो ड्रोन दीदी' है. हर कोई इन्हीं के बारे में बात कर रहा है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज देश में कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है, जिसमें देश की नारी शक्ति पीछे रह गई हो. एक और क्षेत्र जहां महिलाओं ने अपनी नेतृत्व क्षमता का बेहतरीन प्रदर्शन किया है, वो है प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और स्वच्छता. 

विश्व वन्य जीव दिवस का भी पीएम ने किया जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 3 मार्च को 'विश्व वन्य जीव दिवस' है. इस दिन को वन्य जीवों के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है. इस साल World Wild Life Day की theme में Digital Innovation को सर्वोपरि रखा गया है. उन्होंने कहा कि आपको जानकर खुशी होगी कि हमारे देश के अलग-अलग हिस्सों में वन्य जीवों के संरक्षण के लिए टेक्नोलॉजी का खूब यूज किया जा रहा है.

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सरकार के प्रयासों से देश में बाघों की संख्या बढ़ी है. महाराष्ट्र के चंद्रपुर के टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या 250 से ज्यादा हो गई है. चंद्रपुर जिले में इंसान और बाघों के संघर्ष को कम करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद ली जा रही है.

उन्होंने कहा कि युवा एंटरप्रन्योर्स भी वन्य जीव संरक्षण और इको टूरिज्म के लिए नए-नए इनोवेशन सामने ला रहे हैं. उत्तराखंड के रूड़की में Rotor Precision Group ने वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सहयोग से ऐसा ड्रोन तैयार किया है, जिससे केन नदी में घड़ियालों पर नजर रखने में मदद मिल रही है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बेंगलुरु की एक कंपनी ने बघीरा और गरुड़ नाम का App तैयार किया है. बघीरा ऐप से जंगल सफारी के दौरान वाहन की स्पीड और दूसरी गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती है. देश के कई टाइगर रिजर्व में इसका यूज किया जा रहा है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स पर आधारित गरुड़ ऐप को किसी सीसीटीवी से कनेक्ट करने पर रियल टाइम अलर्ट मिलने लगता है.

ओडिशा के कालाहांडी में बकरी पालन का किया जिक्र

ओडिशा के कालाहांडी में बकरी पालन, गांव के लोगों की आजीविका के साथ-साथ उनके जीवन स्तर को ऊपर लाने का भी एक बड़ा माध्यम बन रहा है. इस प्रयास के पीछे जयंती महापात्रा जी और उनके पति बीरेन साहू जी का एक बड़ा फैसला है. उन्होंने कहा कि ये दोनों बेंगलुरु में मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स थे, लेकिन इन्होंने ब्रेक लेकर कालाहांडी के सालेभाटा गांव आने का फैसला लिया.

सेवा और समर्पण से भरी अपनी इसी सोच के साथ इन्होंने माणिकास्तु एग्रो की स्थापना की और किसानों के साथ काम शुरू किया. जयंती जी और बीरेन जी ने यहां एक दिलचस्प माणिकास्तु Goat Bank भी खोला है. वे सामुदायिक स्तर पर बकरी पालन को बढ़ावा दे रहे हैं. उनके Goat Farm में करीब दर्जनों बकरियां हैं. माणिकास्तु  Goat Bank ने किसानों के लिए एक पूरा सिस्टम तैयार किया है.

प्रधानमंत्री बोले- परमार्थ परमो धर्मः हमारी संस्कृति की सीख

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारी संस्कृति की सीख है - परमार्थ परमो धर्मः, यानि, दूसरों की मदद करना ही सबसे बड़ा कर्तव्य है. इसी भावना पर चलते हुए हमारे देश में अनगिनत लोग नि:स्वार्थ भाव से दूसरों की सेवा करने में अपना जीवन समर्पित कर देते हैं.

ऐसे ही एक व्यक्ति हैं - बिहार में भोजपुर के भीम सिंह भवेश जी. अपने क्षेत्र के मुसहर जाति के लोगों के बीच इनके कार्यों की खूब चर्चा है. उन्होंने कहा कि बिहार में मुसहर एक अत्यंत वंचित समुदाय रहा है, बहुत गरीब समुदाय रहा है. भीम सिंह भवेश जी ने इस समुदाय के बच्चों की शिक्षा पर अपना फोकस किया, ताकि उनका भविष्य उज्जवल हो सके. उन्होंने मुसहर जाति के करीब 8 हजार बच्चों का स्कूल में दाखिला कराया है. उन्होंने एक बड़ी लाइब्रेरी बनवाई है, जिससे बच्चों को पढ़ाई-लिखाई की बेहतर सुविधा मिल रही है.

पीएम मोदी ने कहा कि भीम सिंह जी, अपने समुदाय के सदस्यों के जरूरी डॉक्यूमेंट्स बनवाने में, उनके फार्म भरने में भी मदद करते हैं. इससे जरूरी संसाधनों तक गांव के लोगों की पहुंच और बेहतर हुई है. लोगों का स्वास्थ्य बेहतर हो, इसके लिए उन्होंने 100 से अधिक मेडिकल कैंप्स लगवाए हैं. जब कोरोना का महासंकट सिर पर था, तब भीम सिंह ने अपने क्षेत्र के लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए बहुत प्रोत्साहित किया.

 

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