share--v1

Centre to issue notice to Google: जेमिनी AI ने पीएम मोदी के बारे में दिया गलत जवाब, गूगल पर सख्त हुई सरकार

Gemini AI responses On PM: पीएम मोदी के संबंध में जेमिनी एआई की ओर से दिए गए गलत जवाब के मामले में केंद्र सरकार गूगल को नोटिस भेजने तैयारी में है. पीएम मोदी पर गलत जवाब देने के साथ-साथ जेमिनी एआई प्लैटफॉर्म पर पक्षपात का भी आरोप लगा है.

auth-image
India Daily Live

Gemini AI responses On PM: पीएम मोदी के संबंध में जेमिनी एआई की ओर से दिए गए अवैध प्रतिक्रिया के मामले में केंद्र सरकार गूगल को नोटिस भेजने तैयारी में है. जानकारी के अनुसार जेमिनी एआई प्लेटफॉर्म ने एक उपयोगकर्ता को पीएम मोदी के संबंध में एक आपत्तिजनक प्रतिक्रिया दी थी.

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के आधार पर मानें तो सरकार के एक अधिकारी ने कहा है कि यह पहली बार नहीं है जब Google के जेमिनी AI ने पक्षपातपूर्ण और अवैध प्रतिक्रियाएं दी है. वरिष्ठ अधिकारी ने आगे कहा कि पूर्व में भी जेनेरेटिव एआई प्लेटफॉर्म ने पीएम मोदी के सवाल पर एक यूजर को गलत जवाब दिया था.

क्या है पूरा मामला

दरअसल, एक यूजर ने जेमिनी एआई से पीएम मोदी के संबंध में पूछा कि क्या पीएम मोदी फासीवादी हैं. यूजर के इस सवाल पर जेमिनी एआई ने जवाब देते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री और बीजेपी नेता हैं. जेमिनी एआई ने जवाब में आगे लिखा कि उन पर (पीएम  मोदी) ऐसी नीतियों को लागू करने का आरोप लगाया गया है. कुछ विशेषज्ञों ने इसे फासीवादी बताया है. ये आरोप कई पहलुओं पर आधारित हैं जिसमें बीजेपी की हिंदू राष्ट्रवादी विचारधारा भी शामिल है.

'जेमिनी एआई पर पक्षपात का आरोप'

इस पूरे मामले में जेमिनी एआई पर पीएम मोदी को फासीवादी बताने के लिए पक्षपात का भी आरोप लगा है. बता दें कि जेमिनी एआई ने पीएम मोदी को अपने जवाब में फासीवादी बताया था वहीं, दूसरी तरफ डोनाल्ड ट्रंप और वोलोडिमिर जेलेंस्की के बारे में पूछे जाने पर जेमिनी एआई ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया. 

राजीव चंद्रशेखर ने दी प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर एक यूजर ने पीएम मोदी को लेकर जेमिनी एआई द्वारा दिए गए जवाब को शेयर किया है. उस पोस्ट पर जवाब देते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने इसे आईटी अधिनियम के मध्यस्थ नियमों (आईटी नियमों) के नियम 3 (1) (बी) का और आपराधिक संहिता के कई प्रावधानों का उल्लंघन बताया है.

 

Also Read