नई दिल्ली: संसद के मौजूदा मानसून सत्र को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति साफ कर दी है. सरकारी सूत्र के अनुसार सरकार ने कहा कि संसद सत्र की अवधि बढ़ाने या अगस्त के मध्य में विशेष सत्र बुलाने का कोई प्रस्ताव नहीं है. यह स्पष्टीकरण उन खबरों के बाद आया है, जिनमें विशेष सत्र आयोजित किए जाने की संभावना जताई जा रही थी.
सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट किया कि संसद के मौजूदा कार्यक्रम में किसी तरह का बदलाव प्रस्तावित नहीं है. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी कहा कि 16 से 18 अगस्त के बीच महिला आरक्षण विधेयक या परिसीमन विधेयक पर चर्चा के लिए कोई विशेष सत्र बुलाने की योजना नहीं है. सरकार ने कहा कि इस संबंध में चल रही अटकलों का कोई आधिकारिक आधार नहीं है.
मानसून सत्र के दौरान लगातार हंगामे और स्थगन के बीच सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत भी जारी है. इसी क्रम में किरेन रिजिजू ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी से मुलाकात कर विभिन्न विधायी मुद्दों पर चर्चा की. सरकार विपक्ष का रुख समझने की कोशिश कर रही है, जबकि सदन में कई मुद्दों को लेकर गतिरोध बना हुआ है.
इसी बीच राज्यसभा ने सुप्रीम कोर्ट जजों की संख्या संशोधन विधेयक 2026 को मंजूरी दे दी. इसके साथ ही संसद से इस विधेयक को अंतिम स्वीकृति मिल गई. नए कानून के तहत सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सहित कुल न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दी गई है. चर्चा के दौरान न्यायिक ढांचे और अदालतों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया.