पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की अटकलों ने इन दिनों देश में खलबली मचा रखी है. खासकर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद कीमतें बढ़ने की अफवाहों से कई जगहों पर पेट्रोल पंपों पर भीड़ उमड़ पड़ी. कुछ राज्यों में पैनिक बाइंग की खबरें भी आईं. लेकिन केंद्र सरकार ने इन सभी अटकलों को साफ तौर पर खारिज कर दिया है. अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाने का कोई प्रस्ताव या प्लान नहीं है.
अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति को लेकर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है. पिछले दो महीनों में क्रूड ऑयल 50 प्रतिशत से ज्यादा महंगा हो चुका है. इससे पेट्रोल पंप मालिकों और ऑयल कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा है. रोजाना करीब 2,400 करोड़ रुपये का घाटा बताया जा रहा है. इन हालात में कीमतें बढ़ने की अटकलें जोरों पर थीं, जिसके कारण कुछ राज्यों में पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगने लगी.
पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय की ज्वाइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने स्पष्ट कहा कि सरकार पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं ला रही है. पश्चिम बंगाल में वोटिंग खत्म होने के बाद भी कीमतों में इजाफे का कोई प्लान नहीं है. उन्होंने कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूत्रों पर भरोसा करें.
वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चा तेल महंगा हो रहा है. भारत में भी इनपुट कॉस्ट और रिटेल प्राइस के बीच का अंतर बढ़ गया है. एनालिस्ट्स का अनुमान था कि कीमतें 25-28 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ सकती हैं. तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल समेत कई राज्यों में चुनाव के बाद कीमतें बढ़ने की अटकलें तेज हो गई थीं, जिससे पैनिक बाइंग शुरू हो गई.
सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त सप्लाई उपलब्ध है. कुछ जगहों पर पैनिक बाइंग देखी गई है, इसलिए राज्य सरकारों के साथ लगातार संपर्क में हैं. उन्होंने लोगों से अपील की कि अफवाहों में न आएं और सामान्य खरीदारी करें. आंध्र प्रदेश में अफवाहों के कारण 400 से ज्यादा पेट्रोल पंप खाली हो गए थे.