नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीतिक धरती पर बुधवार, 29 अप्रैल का दिन लोकतंत्र की परीक्षा का सबसे बड़ा दिन होने वाला है. इस दिन राज्य की 142 विधानसभा सीटों पर दूसरे और आखिरी चरण का महत्वपूर्ण मतदान होना है. चुनाव आयोग ने इस महाकुंभ को निष्पक्ष और भयमुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. इस बार की सबसे बड़ी सुरक्षा रणनीति एनआईए की सक्रिय तैनाती है. आयोग का मुख्य उद्देश्य मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की बमबाजी या हिंसा को रोकना है.
चुनाव आयोग के अधिकारियों ने मंगलवार को घोषणा की कि अंतिम चरण के मतदान में एनआईए की टीमें पूरे क्षेत्र में तैनात रहेंगी. उनका प्राथमिक कार्य यह सुनिश्चित करना होगा कि मतदान केंद्रों के आसपास किसी भी विस्फोटक या देसी बम का प्रयोग न हो सके. आयोग ने एनआईए से विशेष रूप से उन शरारती तत्वों पर नजर रखने को कहा है जो राजनीतिक कार्यकर्ताओं को डराने या मतदान प्रक्रिया को बाधित करने की फिराक में हैं. यह कदम मतदाताओं में विश्वास भरने के लिए उठाया गया है.
सुरक्षा की यह अभूतपूर्व तैयारी हाल ही में हुई एक गंभीर घटना के बाद शुरू की गई है. 26 अप्रैल को दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में देसी बम जब्त किए थे. यह विस्फोटक कथित तौर पर सत्तारूढ़ दल के एक कार्यकर्ता के परिसर से मिले थे. मतदान से ठीक पहले इतनी बड़ी संख्या में बमों का मिलना किसी बड़ी साजिश का संकेत था. इस बरामदगी के बाद से ही पूरे चुनावी क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है.
भांगड़ में मिले 79 देसी बमों की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तुरंत एनआईए को जांच के कड़े निर्देश दिए. रविवार को एजेंसी के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि उन्होंने इस मामले में औपचारिक प्राथमिकी दर्ज कर ली है. पहले यह मामला स्थानीय पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ था, लेकिन अब एनआईए इसकी जड़ तक जाने की कोशिश कर रही है. एजेंसी उन स्रोतों का पता लगा रही है जहां ये विस्फोटक तैयार किए गए थे ताकि उपद्रवियों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके.
निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि मतदान के दिन या उसके बाद किसी भी प्रकार की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. राज्य में पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को शांतिपूर्ण रही थी और अब दूसरे चरण में भी आयोग वही स्थिरता चाहता है. अधिकारियों का मानना है कि एनआईए की मौजूदगी से शरारती तत्वों में कानून का डर बैठेगा. आयोग के ये निर्देश उन खुफिया रिपोर्टों के बाद आए हैं जिनमें बमों के इस्तेमाल से दहशत फैलाने की आशंका व्यक्त की गई थी.
बुधवार को होने वाले इस मतदान में 142 सीटों पर जनता अपना फैसला सुनाएगी. यह चरण तय करेगा कि बंगाल की सत्ता की चाबी किस ओर मुड़ेगी. मतदान केंद्रों पर अर्धसैनिक बलों के साथ एनआईए की मौजूदगी सुरक्षा के प्रति आयोग की कटिबद्धता को दर्शाती है. मतदाताओं से अपील की गई है कि वे बिना किसी डर के मतदान करें. इस चरण की सफलता न केवल लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करेगी बल्कि बंगाल के सुरक्षित भविष्य के लिए एक नई मिसाल भी पेश करेगी.