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City Wise NEET Results: 3.5 परसेंट अभ्यर्थियों को 720 में से 600 से अधिक मार्क्स, सुप्रीम कोर्ट कल करेगा सुनवाई

City Wise NEET Results: सिटी वाइज NEET के रिजल्ट से पता चला है कि 3.5% छात्रों को 720 में से 600 से अधिक अंक मिले हैं. अब सुप्रीम कोर्ट कल यानी सोमवार को मामले की सुनवाई करेगा. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने सिटी और सेंटर वाइज रिजल्ट जारी किया है. क्वेश्चन पेपर लीक की आशंका के बीच नीट एग्जाम विवादों में है.

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City Wise NEET Results: 3.5 परसेंट अभ्यर्थियों को 720 में से 600 से अधिक मार्क्स, सुप्रीम कोर्ट कल करेगा सुनवाई
Courtesy: Social Media

City Wise NEET Results: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने शनिवार को...लगभग 23.5 लाख उम्मीदवारों के इंडिविजुअल मार्क्स जारी किए, जो NEET-UG 2024 परीक्षा में शामिल हुए थे. कुल अभ्यर्थियों में से 81 हजार से ज़्यादा उम्मीदवारों (3.49 प्रतिशत) ने इस साल परीक्षा में 720 में से 600 या उससे ज़्यादा अंक हासिल किए. 2023 में ऐसे उम्मीदवारों की संख्या 29,351 (कुल का 1.43 प्रतिशत) थी और 2022 में ऐसे उम्मीदवारों की संख्या 21,164 (कुल का 1.19 प्रतिशत) थी. 2023 में सरकारी मेडिकल कॉलेज में सीट पाने के लिए 600 से अधिक अंक पर्याप्त थे.

एनटीए की ओर से जारी सिटी और सेंटर वाइज रिजल्ट के अनुसार इस साल एंट्रेंस एग्जाम कंडक्ट करने वाले कुल 4,750 सेंटर्स में से 100 से अधिक में उच्च स्कोर (720 अंकों में से 600 से अधिक अंक) पाने वाले उम्मीदवारों की संख्या राष्ट्रीय औसत से तीन गुना अधिक थी. इन 109 परीक्षा केंद्रों में से आधे से अधिक सीकर (44) और कोटा (16) में स्थित हैं, जो राज्य में कोचिंग हब हैं. सीकर में अधिक मार्क्स प्राप्त करने वाले 44 परीक्षा केन्द्रों में से आधे से अधिक (24) में राष्ट्रीय औसत से कम से कम पांच गुना (18 प्रतिशत और उससे अधिक) अभ्यर्थियों ने 600 से अधिक अंक प्राप्त किए.

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा था- सोमवार तक हो मामले का निपटारा

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा था कि वह सोमवार तक इस मामले का निपटारा चाहता है. उसने मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई यानी कल तय की है. हालांकि, आईआईटी मद्रास ने अपने एनालिसिस में अभ्यर्थियों की ओर से हासिल किए गए मार्क्स में बढ़ोतरी को स्वीकार किया है. उदाहरण के लिए, इस साल 2,321 उम्मीदवारों ने 700-720 अंकों की सीमा में स्कोर किया, जबकि 2023 में ये संख्या 350 और 2022 में 99 थी. इस साल 650-699 अंकों की सीमा में 27,885 उम्मीदवार थे, जबकि पिछले वर्ष 6,939 और उससे पहले के साल में 4,583 उम्मीदवार थे. आईआईटी मद्रास ने इस बढ़ोतरी के पीछे के कारणों में पाठ्यक्रम में कमी को शामिल किया.

रिपोर्ट में कोटा और सीकर के प्रदर्शन का श्रेय इन स्थानों पर कई कोचिंग क्लासेस होने को दिया गया. राजस्थान के सीकर में 24 परीक्षा केंद्रों के अलावा, हरियाणा के रेवाड़ी (दिल्ली पब्लिक स्कूल, रेवाड़ी), हिसार (डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल), भवानी (दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल) और महेंद्रगढ़ (राव प्रहलाद सिंह सीनियर सेकेंडरी स्कूल) में चार परीक्षा केंद्रों पर 600 अंक और उससे अधिक अंक पाने वाले उम्मीदवारों की संख्या राष्ट्रीय औसत से पांच गुना अधिक थी.

क्यों जांच के दायरे में है पटना, गोधरा, लातूर और हजारीबाग सेंटर?

पटना, गोधरा, लातूर और हजारीबाग, जहां परीक्षा केंद्र एनईईटी-यूजी पेपर के कथित लीक के लिए सीबीआई की जांच के दायरे में हैं. उदाहरण के लिए, इस साल पटना के सभी 70 NEET-UG परीक्षा केंद्रों पर 600 या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों का प्रतिशत 2% से 6% के बीच है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह 3.5% है. लातूर के 54 परीक्षा केंद्रों में से 16 में उच्च उपलब्धि प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों का अनुपात 6% से 8% के बीच है. हजारीबाग के सभी पांच परीक्षा केंद्रों पर कुल उम्मीदवारों में से 3% से 6% ने 600 या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं. हजारीबाग (झारखंड) स्थित ओएसिस पब्लिक स्कूल के 701 परीक्षार्थियों में से 23 (3%) ने 600 से अधिक अंक प्राप्त किये थे. 

गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए को सभी 23 लाख उम्मीदवारों के सिटी और सेंटर वाइज नीट-यूजी 2024 परिणाम, उनकी पहचान छिपाते हुए, शनिवार दोपहर 12 बजे तक अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करने को कहा था. केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि रिजल्ट तो प्रकाशित किए जा सकते हैं, लेकिन केंद्रवार ऐसा करना समस्याओं से भरा हुआ है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट अपनी बात पर अड़ी रही. भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने 22 जुलाई को अगली सुनवाई तय करते हुए कहा, "नहीं...इसे होने दें. हमें सोमवार तक मामले का अंत देखना होगा. उन्होंने कहा कि वास्तव में, हम विस्तृत जांच में इसलिए लगे हुए हैं क्योंकि कम से कम पटना और हजारीबाग में लीक हुआ था...परीक्षा से पहले क्वेश्चन पेपर बांटे गए थे, इसमें कोई संदेह नहीं है.