केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने 20 जुलाई को राज्य में 14 साल के लड़के के निपाह से संक्रमित होने की पुष्टि की. संक्रमण का मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने हाईलेवल मीटिंग की. मलप्पुरम जिले में संक्रमण का यह मामला सामने आया है. 2018 में इस वायरस के चलते मलप्पुरम में निपाह ने कम से कम 17 लोगों की जान ली थी.
वीना जॉर्ज ने प्रेस कान्फ्रेंस में कहा- "एनआईवी पुणे ने पुष्टि की है कि 14 वर्षीय लड़के का संदिग्ध मामला निपाह पॉजिटिव है. लड़कों की संपर्क सूची तैयार की जाएगी और उच्च जोखिम वाली श्रेणी में आने वालों के नमूने परीक्षण के लिए भेजे जाएंगे. उपरिकेंद्र के 3 किलोमीटर के दायरे में लगाए जाने वाले प्रतिबंधों पर चर्चा करने के लिए जिला कलेक्टर और जिला पुलिस प्रमुख के साथ बैठक की जाएगी."
उन्होंने कहा कि बच्चे को कोझिकोड के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट किया जाएगा. अभी उसका इलाज प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है. निपाह के संक्रमण से बचने के लिए संक्रमित इलाके में रहने वाले लोगों को मास्क पहनने का निर्देश दिया गया है. इसके साथ ही अस्पतालों में बेवजह न जाने की सलाह दी गई है. केरल सरकार ने हाल ही में घोषणा की थी कि निपाह संक्रमण को रोकने के लिए एक विशेष एक्शन कैलेंडर तैयार किया जा रहा है.
Malappuram | NIV Pune has confirmed that the suspected case of a 14-year-old boy is Nipah positive. A contact list of the boys will be prepared and the samples of those in a high-risk category will be sent for testing. A meeting will be held with the district collector and…
— ANI (@ANI) July 20, 2024Also Read
निपाह वायरस का फैलाव जानवरों से इंसान में होता है. इस संक्रमण को जूनोटिक डिजीज कहा जाता है. जो बीमारी जानवरों से इंसानों में फैलती है उसे जुनोटिक डिजीज कहते हैं. चमगादड़ों और सुअर से निपाह का संक्रमण इंसानों में फैल सकता है. इस वायरस से संक्रमित होने पर सांस की बीमारी और मस्तिष्क में सूजन जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है.
इंसानों में फैल सकता है. यह वायरस बुखार, उल्टी, सांस की बीमारी और मस्तिष्क में सूजन का कारण बन सकता है. इससे इंसान कोमा में भी जा सकता है.