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India Daily

जम्मू-कश्मीर में भूकंप के झटके, 4.8 की तीव्रता से डोली धरती; बडगाम रहा केंद्र

जम्मू-कश्मीर में आज सुबह भूकंप के झटके महसूस हुए. इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.8 मापी गई है. झटके ने पूरे इलाके के लोगों को डरा दिया है.

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Edited By: Shanu Sharma
जम्मू-कश्मीर में भूकंप के झटके, 4.8 की तीव्रता से डोली धरती; बडगाम रहा केंद्र
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में आज सुबह यानी सोमवार को भूकंप के झटके महसूस हुए. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.8 मापी दर्ज की गई. इस झटके से लोग आधी निंद में अपने घरों से बाहर निकल आएं.

जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज ने भूकंप की जानकारी देते हुए बताया कि यह झटके सुबह 5:35 पर महसूस हुए और इसका केंद्र बड़गाम जिला रहा. वहीं इसके गहराई की बात करें तो 10 किलोमीटर रिकॉर्ड की गई.

जम्मू-कश्मीर के आसपास इलाकों में भी झटके

जम्मू-कश्मीर में इस समय मौसम ठंडा बना हुआ है. जिस समय भूकंप आए उस समय आसमान में भी बादल छाए हुए थे. वहीं तापमान -0.9 डिग्री सेल्सियस रहा. हालांकि भूकंप के झटके आस-पास के इलाकों में भी महूसस किए गए हैं. चराए-ए-शरीफ, पुलवामा, श्रीनगर और शोपियां में भी लोगों ने झटके महसूस होने की जानकारी दी है. हालांकि भूकंप के झटके मध्यम थी और आसमान में अंधेरा था, इस वजह से आधे लोगों को समझ ही नहीं आया. लेकिन जो लोग जाग रहे थे, उन्होंने इसे अच्छे से महसूस किया. 

अंडमान और निकोबार में भी भूकंप

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक अंडमान और निकोबार आइलैंड में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए. हालांकि यहां जम्मू-कश्मीर से भी पहले सुबह 3 बजकर 31 मिनट महसूस हुए. यहां की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.6 मापी गई और इसका केंद्र निकोबार क्षेत्र में 10 किलोमीटर की गहराई पर था.

बता दें कि भूकंप एक भूवैज्ञानिक घटना है. भूकंप तब महसूस होते हैं जब पृथ्वी की पपड़ी बनाने वाली सात प्रमुख टेक्टोनिक प्लटों में हलचल होता है. यह प्लेट अपने जगह से खिसकती रहती है. इसी बीच जब प्लेट और फॉल्ट लाइनों के बीच टक्कर होता है तो घर्षण से जो ऊर्जा निकलती है उससे यह झटके महसूस होते हैं. हालांकि सारे भूकंप के झटके घातक नहीं होते हैं, लेकिन इसकी तीव्रता जैसे ही 4 के पार होने लगती है, इसका खतरा बढ़ता चला जाता है. कई बार भूकंप ना केवल एक इलाके को बल्कि एक बार में कई इलाकों को तबाह कर देती है. वहीं कभी-कभी ऑफ्टर शॉक भी घातक साबित होता है, जब एक के बाद एक झटके से पूरा इलाका तबाह हो जाता है.