menu-icon
India Daily

Grammy Award 2026: आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने पहली बार ग्रैमी अवॉर्ड जीतकर रचा इतिहास, जानें किस कैटेगरी में मिला ये पुरस्कार

ग्रैमी अवॉर्ड्स 2026 में दलाई लामा ने पहली बार ग्रैमी जीतकर एक नया इतिहास रचा है. 90 साल की उम्र में यह सम्मान आध्यात्मिकता और संगीत के अनोखे मेल का प्रतीक बन गया.

babli
Edited By: Babli Rautela
Grammy Award 2026: आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने पहली बार ग्रैमी अवॉर्ड जीतकर रचा इतिहास, जानें किस कैटेगरी में मिला ये पुरस्कार
Courtesy: Social Media

मुंबई: ग्रैमी अवॉर्ड्स 2026 का आयोजन इस बार कई वजहों से खास रहा. संगीत जगत के सबसे प्रतिष्ठित मंच पर आध्यात्मिकता की भी गूंज सुनाई दी. तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने अपने जीवन की एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली. 68वें ग्रैमी अवॉर्ड्स में उन्होंने अपना पहला ग्रैमी अवॉर्ड जीतकर सभी को चौंका दिया. यह समारोह रविवार 1 फरवरी को आयोजित हुआ था.

दलाई लामा को यह सम्मान 'बेस्ट ऑडियो बुक नरेशन और स्टोरीटेलिंग रिकॉर्डिंग' कैटेगरी में मिला. उन्हें यह अवॉर्ड अपने प्रोजेक्ट 'ध्यान परम पावन दलाई लामा के विचार' के लिए दिया गया. यह अवॉर्ड प्री टेलीकास्ट सेरेमनी के दौरान घोषित किया गया था जिसे यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीम किया गया. इस पल को देखने के लिए दुनिया भर से लोग ऑनलाइन जुड़े रहे.

90 साल की उम्र में नई उपलब्धि

दलाई लामा की उम्र इस समय 90 साल है. इतनी उम्र में ग्रैमी जैसा फेमस अवॉर्ड जीतना अपने आप में प्रेरणादायक है. यह दिखाता है कि ज्ञान करुणा और शांति का संदेश किसी उम्र का मोहताज नहीं होता. उनके इस सम्मान ने यह साबित कर दिया कि आध्यात्मिक विचार भी वैश्विक मंच पर अपनी जगह बना सकते हैं.

इस कैटेगरी में मुकाबला काफी कड़ा था. दलाई लामा के साथ कई चर्चित नाम नॉमिनेट थे. उन्होंने ग्रैमी अवॉर्ड्स के होस्ट ट्रेवर नूह को भी पीछे छोड़ा. इसके अलावा अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस केतनजी ब्राउन जैक्सन और मशहूर सिंगर फैब मोरवन भी इस रेस में शामिल थे. बावजूद इसके दलाई लामा की यह रिकॉर्डिंग जजों को सबसे ज्यादा पसंद आई.

कौन आया अवॉर्ड रिसीव करने मंच

दलाई लामा खुद इस समारोह में मौजूद नहीं थे. उनकी ओर से यह अवॉर्ड मशहूर सिंगर सॉन्गराइटर 'रूफस वेनराइट' ने रिसीव किया. मंच पर आते ही उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि वह दलाई लामा नहीं हैं. इसके बाद उन्होंने आयोजकों को धन्यवाद दिया और कहा कि इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना उनके लिए सम्मान की बात है.

रूफस वेनराइट ने अपने भाषण में ज्ञान चिंतन और करुणा की बात की. उन्होंने कहा कि दलाई लामा की शिक्षाएं इस पूरे प्रोजेक्ट की आत्मा हैं. यह अवॉर्ड उन मूल्यों का सम्मान है जो दुनिया को बेहतर बनाने का संदेश देते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट्स आज के समय में पहले से ज्यादा जरूरी हैं.