नासिक: महाराष्ट्र के नासिक में एक विशेष अदालत ने धार्मिक रूपांतरण (रिलीजियस कन्वर्शन) के एक बड़े मामले में आरोपी निदा खान को जमानत दे दी है. निदा खान पर आरोप है कि उसने अपनी एक सहकर्मी महिला को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए दबाव डाला और हिंदू देवी-देवताओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं.
निदा खान पांच महीने की गर्भवती है. करीब दो महीने पहले उसे गिरफ्तार किया गया था. विशेष न्यायाधीश के.जी. जोशी ने जमानत देते हुए भगवान कृष्ण के जन्म का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा जेल में पैदा होने का दर्द और सामाजिक कलंक नहीं झेलना चाहिए.
कोर्ट ने अपने आदेश में लिखा, “आरोपी निदा पांच महीने की गर्भवती है. भगवान कृष्ण की तरह कोई बच्चा जेल में जन्म लेने का ट्रॉमा नहीं झेलना चाहिए. बच्चे के हित और उसके भविष्य को देखते हुए जमानत देना उचित है.”
A special court in Nashik granted bail to TCS employee Nida Khan, an accused in an alleged religious conversion case, citing her five-month pregnancy and the need to avoid childbirth in prison. The court referred to the birth of Lord Krishna while exercising judicial discretion.… pic.twitter.com/sjECrDLN8v
— IANS (@ians_india) July 10, 2026
पुलिस के अनुसार, निदा खान पर आरोप है कि उसने सहकर्मी को धर्म बदलने के लिए दबाव बनाया, बुर्का और धार्मिक किताबें दीं तथा मोबाइल पर धार्मिक ऐप्स इंस्टॉल करवाईं. जांच पूरी हो चुकी है और चार्जशीट भी दाखिल कर दी गई है. कोर्ट ने ध्यान दिया कि निदा खान पर सिर्फ एक FIR है, जबकि मामले के अन्य आरोपियों पर कई FIR दर्ज हैं.
निदा खान पर हिंदू देवी-देवताओं, खासकर भगवान कृष्ण के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने का भी आरोप है. ऐसे में कोर्ट द्वारा भगवान कृष्ण का जिक्र करके जमानत देने का फैसला काफी चर्चा में आ गया है. हालांकि, कोर्ट ने साफ कहा कि यह टिप्पणी सिर्फ गर्भवती महिला और बच्चे के हित में की गई है. इसका मतलब यह नहीं कि अदालत ने आरोपों पर फैसला सुना दिया है. आरोपों की जांच ट्रायल के दौरान होगी.