ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति पर जोर दिया. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया ने देखा कि जब भारत ने आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की, तो उसकी गूंज पूरी दुनिया तक पहुंची. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ हर चुनौती का दृढ़ता से जवाब देने के लिए प्रतिबद्ध है और यह संदेश पूरी दुनिया तक साफ तौर पर पहुंच चुका है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी का भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों की नई सोच और बड़े सपने देश को लगातार आगे ले जा रहे हैं. उनके मुताबिक, भारत इस समय दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि एक लक्ष्य पूरा होते ही भारत नया लक्ष्य तय करता है और आगे बढ़ता रहता है.
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की तकनीकी उपलब्धियों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 5G बाजार बन चुका है और अब स्वदेशी 6G तकनीक विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है. उन्होंने इसे आत्मनिर्भर भारत और तकनीकी नेतृत्व की दिशा में बड़ा कदम बताया. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत नवाचार और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहा है.
प्रधानमंत्री ने मेलबर्न में मिले गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए भारतीय समुदाय और ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों का आभार जताया. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ को भारत का मित्र बताया. साथ ही कहा कि विदेशों में बसे भारतीय अपनी संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखे हुए हैं. सत्यनारायण कथा, गुरुद्वारों में अरदास, भरतनाट्यम, भांगड़ा, क्रिकेट प्रतियोगिताएं और मेलबर्न में होने वाला भारतीय फिल्म महोत्सव भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहचान को और मजबूत बना रहे हैं.