महाराष्ट्र के नागपुर में एक शराबी ने ऐसा खूनी खेल खेला है कि पोर्शे केस का डरावना मंजर लोगों को याद आ गया है. एक नशेड़ी शख्स नशे में धुत होकर फुटपाथ पर सो रहे 17 लोगों पर कार चढ़ा दी. हादसे में दो लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, वहीं 15 लोग गंभीर रूप से जख्मी हैं. कार में कुल 6 लोग शराब थे जो एक ढाबे पर पार्टी करके लौटे थे. नागरपुर में आधीरात को शराबी ने यह तांडव किया है.
नागपुर के दिघोरी टोल प्लाजा के पास लोग सो रहे थे, तभी नशेड़ियों ने कार चढ़ा दी. कार चलाने वाले शख्स का ना भूषण लांजेवार है. पेशे से वह एक फायर इंजीनयिर है. वही नशे में धुत होकर हुंडई की वर्ना कार चला रहा था. पुलिस ने उसके दोस्त वंश जादे, सन्मय पत्रिकर, अथर्व वनायत, अथर्व मोगरे और ऋषिकेश चौबे को गिरफ्तार किया है.
सारे इंजीनियरिंग स्टूडेंट हैं. पुलिस ने उनके खिलाफ धारा 304 (II) के तहत केस दर्ज किया है. कोर्ट ने उन्हें दो दिनों के लिए हिरासत में भेजा है. भूषण ही कार चला रहा था, जब ये हादसा हुआ है. उसने सोते हुए लोगों पर ही कार चढ़ा दी.
हादसे में पति को खो देने वाली पीड़िता कविता बागड़िया ने कहा, 'कार ने हमें पहले कुचल दिया. हम भागने की कोशिश कर रहे थे, कार दोबारा आई और कुचलकर निकल गई. कार ड्राइवर ने कार तेजी से भगा दिया था.' मरने वालों में कांतिबाई बगाड़िया और सीताराम बगाड़िया शामिल हैं. कांतिबाई की उम्र 42 साल थी, वहीं सीताराम महज 30 साल का था. घायलों में से 7 जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं. आठ अन्य घायल अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं.
घायलों में सीतारम की पत्नी कविता, उसकी बेटियां भी शामिल हैं. बागड़िया परिवार के कुल 30 सदस्य थे जो फूटपाथ पर ही थे, वे बच गए. टोल प्लाजा के पास तेजी से भागती हुई कार पुलिसकर्मियों को भी कुचलने जा रही थी, लेकिन वे बाल-बाल बच गए.
वहां मौजूद लोगों का कहना है कि कार पहले एक खड़ी स्विफ्ट डिजायर से टकराई, जिससे वर्ना कार का अगला पहिया फट गया. इसके बाद ड्राइवर ने अपना नियंत्रण खो दिया और गाड़ी फुटपाथ पर चली गई, जहां एक परिवार सो रहा था. आरोपियों की टोली हुडकेश्वर में एक ढाबे पर शराब पी रहे थे,उसके बाद जब वे वहां से निकले तो हंगामा हो गया. पुलिस ने आरटीओ एक्सपर्ट्स के जरिए कार को जब्त करा दिया है. छानबीन जारी है.