देश में कमर्शियल एलपीजी की अचानक कमी ने होटल और रेस्तरां उद्योग को चिंता में डाल दिया है. कई बड़े शहरों में गैस सिलेंडर की सप्लाई बाधित होने से होटल संचालकों ने जल्द ही संचालन बंद करने की चेतावनी दी है. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेट्रोलियम और विदेश मंत्रियों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की. उद्योग संगठनों का कहना है कि यदि गैस की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो पर्यटन और खानपान से जुड़े लाखों लोगों पर इसका असर पड़ सकता है.
देश के कई शहरों में होटल और रेस्तरां संगठनों ने कमर्शियल एलपीजी की कमी को लेकर गंभीर चिंता जताई है. फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह में हालात तेजी से बिगड़े हैं. मुंबई, पुणे, नागपुर और औरंगाबाद जैसे शहरों से गैस सप्लाई रुकने की खबरें मिल रही हैं. दिल्ली, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी इसी तरह की दिक्कतें सामने आ रही हैं.
#WATCH | Mumbai | Sujit, the owner of Marathi Tadka hotel, Dadar, says, “Currently, we are facing LPG shortage because of the conflict, which is affecting our business. The vendors who used to supply us with LPG gas are now saying that it is not available… How will we run our… pic.twitter.com/t6IfGNbf8g
— ANI (@ANI) March 10, 2026
स्थिति को संभालने के लिए केंद्र सरकार ने आवश्यक वस्तु कानून के तहत गैस आपूर्ति को प्राथमिकता देने का फैसला किया है. इसके तहत घरों में पाइप्ड गैस और वाहनों के लिए सीएनजी को सबसे पहले उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. साथ ही उद्योगों और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को सीमित मात्रा में गैस देने की व्यवस्था की गई है. सरकार का कहना है कि इससे जरूरी क्षेत्रों में आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिलेगी.
ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर डाला है. होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों में रुकावट आने से भारत को मिलने वाली एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है. भारत अपनी कुल जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का असर घरेलू बाजार पर तुरंत दिखने लगा है.
मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे शहरों में होटल एसोसिएशनों ने चेतावनी दी है कि अगर गैस सप्लाई जल्द बहाल नहीं हुई तो कई रेस्तरां बंद करने पड़ सकते हैं. कुछ स्थानों पर होटल मालिकों ने मेन्यू सीमित करना और पकाने में अधिक समय लेने वाले व्यंजन हटाना शुरू कर दिया है. उद्योग प्रतिनिधियों का कहना है कि यह संकट लंबे समय तक रहा तो पर्यटन और रोजमर्रा के भोजन पर निर्भर लाखों लोगों को परेशानी हो सकती है.
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि उसने घरेलू मांग को पूरा करने के लिए तेल रिफाइनरियों को एलपीजी का उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. मंत्रालय ने जमाखोरी और कालाबाजी को रोकने के लिए एलपीजी रिफिल के लिए 25 दिन की इंटर-बुकिंग अवधि शुरू की है.
In light of current geopolitical disruptions to fuel supply and constraints on supply of LPG, Ministry has issued orders to oil refineries for higher LPG production and using such extra production for domestic LPG use.
— Ministry of Petroleum and Natural Gas #MoPNG (@PetroleumMin) March 9, 2026
The ministry has prioritised domestic LPG supply to…
अधिकारियों ने बताया अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक क्षेत्रों को आयातित एलपीजी की आपूर्ति में प्राथमिकता दी जा रही है. वहीं होटलों और रेस्तरां सहित विभिन्न उद्योगों से आ रही गैस की डिमांड की समीक्षा के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति गठित की गई है.
वहीं मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में कहा कि भारत की ऊर्जा आपूर्ति स्थिर बनी हुई है और उन्होंने आश्वासन दिया कि चिंता की कोई गुंजाइश नहीं है साथ ही कहा कि होर्मूज जलडमरूमध्य के बाहर के मार्गों से आयात बिना किसी रुकावट के जारी है.