नई दिल्ली: आईपीएल 2026 का यह सीजन भले ही मुंबई इंडियंस के लिए उम्मीदों के मुताबिक न रहा हो, लेकिन 29 अप्रैल को वानखेड़े स्टेडियम में फैंस को एक ऐसी पारी देखने को मिली जिसने पुराने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए. टीम के स्टार ओपनर रायन रिकल्टन ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में अपनी तूफानी बल्लेबाजी से न केवल अपना पहला आईपीएल शतक पूरा किया, बल्कि मुंबई इंडियंस के इतिहास में सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज भी बन गए.
रायन रिकल्टन ने अपनी इस पारी के दौरान मात्र 44 गेंदों में अपना सैकड़ा पूरा कर लिया. इसके साथ ही उन्होंने सनथ जयसूर्या के 2008 में बनाए गए 45 गेंदों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया. जयसूर्या का यह रिकॉर्ड पिछले 19 सालों से मुंबई इंडियंस के लिए सबसे तेज शतक के रूप में कायम था. इसी सीजन में तिलक वर्मा ने भी 45 गेंदों में शतक लगाकर इसकी बराबरी की थी. लेकिन अब रिकल्टन मुंबई के लिए आईपीएल में सबसे तेज शतकवीर बन गए हैं.
रिकल्टन की टीम में वापसी एक विशेष परिस्थिति में हुई थी. टीम के नियमित ओपनर क्विंटन डिकॉक चोटिल होने के कारण इस महत्वपूर्ण मैच से बाहर हो गए थे. रिकल्टन को प्लेइंग-11 में जगह मिली और उन्होंने इस मौके का भरपूर फायदा उठाया. पिछले लगातार दो मैच हारने के बाद मुंबई की टीम दबाव में थी. लेकिन रिकल्टन ने अपनी विस्फोटक पारी से टीम को शानदार शुरुआत दिलाई और विरोधियों के खेमे में खलबली मचा दी.
रिकल्टन ने दूसरे छोर पर खड़े विल जैक्स के साथ मिलकर पारी की शुरुआत में ही 93 रनों की जबरदस्त साझेदारी की. उन्होंने अपनी पारी की आक्रामकता का अंदाजा इसी बात से दे दिया था कि उन्होंने महज 23 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया था. विल जैक्स के आउट होने के बाद भी रिकल्टन के बल्ले से रनों की बारिश जारी रही. उन्होंने हैदराबाद के गेंदबाजों को मैदान के चारों ओर शॉट मारकर बेबस कर दिया और अपना ऐतिहासिक शतक पूरा किया.
आईपीएल के इस सीजन में मुंबई इंडियंस के लिए एक अनोखा संयोग देखने को मिल रहा है. टीम के लिए अब तक लगे तीनों शतक बाएं हाथ के बल्लेबाजों ने ही लगाए हैं. सबसे पहले क्विंटन डिकॉक ने पंजाब किंग्स के खिलाफ यह कारनामा किया था. इसके बाद तिलक वर्मा ने गुजरात टाइटंस के विरुद्ध सेंचुरी ठोकी थी. अब रिकल्टन ने इस सूची में अपना नाम शामिल कर लिया है. यह दिखाता है कि इस साल मुंबई के पास बाएं हाथ के प्रतिभावान बल्लेबाजों की भरमार है.
वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस 41वें मैच ने रिकल्टन को रातों-रात स्टार बना दिया है. हालांकि टीम के लिए यह सीजन काफी कठिन रहा है. लेकिन व्यक्तिगत प्रदर्शन के मामले में रिकल्टन ने अपनी छाप छोड़ दी है. उनके इस रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन ने न केवल जयसूर्या जैसे दिग्गजों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा है. बल्कि टीम के फैंस को भी जश्न मनाने का बड़ा मौका दिया है. आने वाले मैचों में मुंबई की टीम रिकल्टन से इसी तरह की निरंतरता की उम्मीद करेगी.