अहमदाबाद: साल 2008 में अहमदाबाद को दहला देने वाले सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में गुजरात हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने इस आतंकी हमले के सभी 38 दोषियों की सजा को बरकरार रखा है. फैसले के साथ पीड़ित परिवारों को राहत देने के लिए मुआवजे का भी आदेश दिया गया है. करीब 17 साल पुराने इस मामले में अदालत ने स्पष्ट किया कि निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा में किसी बदलाव की जरूरत नहीं है. इसके साथ ही मृतकों के परिजनों और घायलों को आर्थिक सहायता देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं. यह फैसला देश के सबसे बड़े आतंकी मामलों में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है.
गुजरात हाई कोर्ट ने 2008 के अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में 38 दोषियों की सजा को बरकरार रखा. अदालत ने 38 दोषियों की मौत की सजा को यथावत रहने दिया, जबकि 11 अन्य दोषियों को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा में भी कोई बदलाव नहीं किया. अदालत ने कहा कि मामले में निचली अदालत का फैसला बरकरार रहेगा.
#WATCH | Ahmedabad | Gujarat High Court will pronounce verdict in the 2008 Ahmedabad serial blasts case today
— ANI (@ANI) July 7, 2026
On July 26, 2008, 21 blasts occurred at various locations in Ahmedabad, claiming the lives of 56 people.
In 2022, a special court sentenced 38 of the accused to death… pic.twitter.com/faht5d6Swp
अदालत ने पीड़ित परिवारों के लिए भी महत्वपूर्ण आदेश दिया. फैसले के अनुसार, धमाकों में जान गंवाने वाले 56 लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. वहीं, 200 से अधिक घायल लोगों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्देश भी जारी किया गया है.
26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद में करीब 70 मिनट के भीतर 20 अलग-अलग स्थानों पर 21 बम धमाके हुए थे. इन विस्फोटों में 56 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए थे. इस घटना ने पूरे शहर में दहशत फैला दी थी और देशभर में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया था.
जांच के दौरान सामने आया कि इन धमाकों की जिम्मेदारी आतंकी संगठन हरकत-उल-जिहाद-अल-इस्लामी (हुजी) ने ली थी. इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक जांच अभियान चलाया और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया. मामले की सुनवाई विशेष अदालत में चली, जहां दोषियों को सजा सुनाई गई थी.
सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट से जुड़े मामले की भी जानकारी अदालत के समक्ष रखी. एजेंसी ने बताया कि इस मामले में पूरक आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है और कुछ आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ाई गई है. हालांकि, यह मामला अहमदाबाद ब्लास्ट केस से अलग है और उसकी सुनवाई अलग से जारी है.