महाराष्ट्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने सोमवार को कई जिलों में हालात बिगाड़ दिए. सबसे दर्दनाक घटना पुणे जिले के मावल क्षेत्र के पाटन गांव में हुई, जहां भूस्खलन की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई. राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से रेड अलर्ट जारी होने के बाद मुंबई में स्कूल और कॉलेज बंद रखे गए. राज्य सरकार ने निजी संस्थानों से कर्मचारियों को जहां संभव हो वहां वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने की अपील की. गैर जरूरी सरकारी और अर्द्धसरकारी कार्यालयों में आधे दिन की छुट्टी भी घोषित की गई.
पुणे जिले में लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ. मावल क्षेत्र में कंपनी की बस में फंसे 30 कर्मचारियों को सुरक्षित निकाला गया. ताजे गांव के 250 से अधिक लोगों को एहतियात के तौर पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. हवेली तहसील के भवाड़ी गांव में भी पांच परिवारों के करीब दो दर्जन लोगों को सुरक्षित निकाला गया.
बारिश और भूस्खलन के कारण मुंबई पुणे एक्सप्रेसवे के मिसिंग लिंक क्षेत्र के पास यातायात रोकना पड़ा. वहीं लोनावला करजात रेल मार्ग पर भी भूस्खलन से ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ. करजात और खोपोली के बीच लोकल ट्रेन सेवाएं भी रोकनी पड़ीं. पुराने मुंबई पुणे हाईवे पर कई स्थानों पर पानी भरने से आवाजाही बंद कर दी गई.
मुंबई में तेज हवाओं की रफ्तार करीब 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई. दिनभर में पेड़ और शाखाएं गिरने की 291 घटनाएं दर्ज की गईं. खराब मौसम के कारण मुंबई आने वाली पांच उड़ानों का रूट बदला गया. पश्चिम रेलवे की 40 से अधिक सेवाएं प्रभावित रहीं, जिनमें कई ट्रेनें रद्द, पुनर्निर्धारित या डायवर्ट करनी पड़ीं.
मुंबई में सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक औसतन 28.2 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों में इससे अधिक वर्षा हुई. पालघर जिले के कुछ हिस्सों में दो घंटे के भीतर करीब 300 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई. तेज हवाओं से एक आवासीय विद्यालय में टिन की छतें उड़ गईं, हालांकि वहां मौजूद सभी 350 छात्र सुरक्षित रहे.
राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने बताया कि पिछले तीन से चार दिनों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 13 लोगों की मौत हो चुकी है. अगले दो दिनों के लिए भी रेड अलर्ट जारी किया गया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अत्यधिक वर्षा एक असाधारण स्थिति है, लेकिन सभी एजेंसियां और प्रशासनिक टीमें पूरी तरह सतर्क हैं तथा राहत कार्य लगातार जारी है.