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India Daily

भारत के 7वें LPG टैंकर ने होर्मुज स्ट्रेट किया पार, इस खास मौके पर ईरान ने भेजा बेहद खास संदेश

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार करते हुए सातवां एलपीजी टैंकर भारत के लिए रवाना हो चुका है. इस मौके पर ईरान ने भारत के लिए एक विशेष संदेश दिया है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
भारत के 7वें LPG टैंकर ने होर्मुज स्ट्रेट किया पार, इस खास मौके पर ईरान ने भेजा बेहद खास संदेश
Courtesy: @HemanNamo

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. सातवां भारतीय ध्वज वाला एलपीजी टैंकर ‘ग्रीन सानवी’ सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर गया. इस दौरान ईरान ने भारत के लिए एक विशेष संदेश जारी कर दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों को याद किया. यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब वैश्विक तेल आपूर्ति पर संकट मंडरा रहा है और कई जहाज अब भी फंसे हुए हैं.

ऐतिहासिक रिश्तों की झलक

ईरान के मुंबई स्थित वाणिज्य दूतावास ने अपने संदेश में कहा, 'भारत, और विशेष रूप से गुजरात, हमारे साझा इतिहास में एक गौरवशाली स्थान रखते हैं; क्योंकि सदियों पहले इन्होंने हमारी भूमि से आए लोगों का सहर्ष स्वागत किया था.' ईरान ने कहा, 'इस अटूट सभ्यतागत बंधन को आधार बनाते हुए, हम मित्रता और सहयोग के संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.'

ईरान ने भारत, खासकर गुजरात, को साझा इतिहास का अहम हिस्सा बताया. यह बयान प्राचीन लोथल बंदरगाह की याद दिलाता है, जो हजारों साल पहले भारत और फारस के बीच व्यापार का प्रमुख केंद्र था.

रणनीतिक सहयोग की मजबूती

ईरान ने अपने संदेश में कहा कि दोनों देशों के बीच यह संबंध सिर्फ इतिहास तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य में भी दोस्ती और सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता बनी रहेगी. यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत ने कूटनीति के जरिए अपने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की है.

ऊर्जा संकट के बीच राहत

ग्रीन सानवी टैंकर में 46,650 मीट्रिक टन एलपीजी लदी हुई थी. अब तक छह अन्य जहाज भी सुरक्षित भारत पहुंच चुके हैं, जबकि करीब 17 भारतीय जहाज अब भी होर्मुज के पश्चिम में फंसे हैं. इस संकट के चलते वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई हैं.

सरकार ने अफवाहों को किया खारिज

केंद्र सरकार ने उन खबरों को खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि भारत के लिए भेजा गया ईरानी तेल चीन मोड़ दिया गया. पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत ने अपनी जरूरत के मुताबिक तेल आपूर्ति पहले ही सुनिश्चित कर ली है और भुगतान में कोई समस्या नहीं है.