दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में राऊ कोचिंग सेंटर के लाइब्रेरी में पानी ओवरफ्लो होने के कारण बेसमेंट में फंसकर तीन सिविल सेवा के स्टूडेंट्स की मौत हो गई है. वहीं इस हादसे के बाद कुछ के लापता होने की खबरें भी सामने आ रही है. घटना के कुछ देर बाद से ही यहां पर छात्रों का प्रदर्शन जारी है, उन्हीं में से कुछ प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि हादसे के समय लाइब्रेरी में पढ़ रहे कुछ स्टूडेंट्स का अभी भी पता नहीं चल पाया है.
हालांकि ऐसे ही एक लापता छात्र ने अब स्पष्ट किया है कि वह सुरक्षित है. साथ ही उसने मीडिया से अपील की है कि उसकी तस्वीर का उपयोग प्रोटेस्ट के मीसिंग पोस्टर में ना करें. किंग्सले कन्नन नाम के इस छात्र ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वह दिल्ली के सुल्तानपुर में अपने दोस्त के साथ रह रहा है. आगे उसने बताया कि शनिवार को उसके कुछ दोस्त उसे खोजने के लिए घटनास्थल पर गए थे लेकिन जब वे उससे नहीं मिल पाए तो उन्हें लगा कि किंग्सले कन्नन भी इस हादसे का शिकार गया है. इसलिए उन्होंने मीडिया में कन्नन के लापता होने की सूचना दे दी थी.
कन्नन ने बताया, 'मैं इस हादसे से पहले ही लाइब्रेरी से निकल गया था लेकिन जब मैं वहां से निकला तो उस वक्त वहां 22 से 25 स्टूडेंट्स मौजूद थे. मैं मीडिया से अनुरोध करता हूं कि मेरे फोटो को लापता कह कर ना दिखाएं. क्योंकि तमिलनाडु में रह रहे मेरे परिवार के सब लोग काफी परेशान हो रहे हैं. वे सभी चिंता में हैं. मैं सुरक्षित हूं'. कन्नन ने बीते साल ही इस संस्था में एडमिशन लिया था. आगे कन्नन ने सभी कोचिंग सेंटर चलाने वालों से रिक्वेस्ट की है कि वे अंडरग्राउंड लाइब्रेरी ना चलाए.
बता दें कि MCD ने इस हादसे के बाद यहां बेसमेंट में चल रहे सभी कोचिंग सेंटर पर एक्शन लेते हुए ओल्ड राजेंद्र नगर के 13 सेंटर को सील कर दिया है. इसमें ऐसे कोचिंग सेंटर है जिन्होंने बेसमेंट में अवैध तरीके से लाइब्रेरी खोल रखी है. वहीं इस हादसे की जांच के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 5 सदस्यीय कमेटी बनाई है. यह 30 दिन में रिपोर्ट सौंपेंगे. इसमें हादसे के कारण, इसके जिम्मेदार और ऐसे हादसे से बचने के उपाय और नीति में बदलाव की सिफारिश भी है.