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'सुवेंदु अधिकारी पर TMC वाली राजनीति का असर है...', BJP के अल्पसंख्यक मोर्चा के मुखिया जमाल सिद्दीकी ने दिया जवाब

Suvendu Adhikari: बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के बयान के बाद अब उन्हीं के पार्टी के नेता दो अलग-अलग धाराओं में बंट गए हैं. अब अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने कहा है कि सुवेंदु अधिकारी बीजेपी में नए हैं और शायद उन पर अभी भी टीएमसी की विचारधारा वाला असर बचा है. उन्होंने यह भी कहा है कि यह बयान सुवेंदु अधिकारी का निजी बयान है.

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'सुवेंदु अधिकारी पर TMC वाली राजनीति का असर है...', BJP के अल्पसंख्यक मोर्चा के मुखिया जमाल सिद्दीकी ने दिया जवाब
Courtesy: Social Media

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी ने हाल ही में एक ऐसा बयान दिया जिसको लेकर खूब हंगामा हुआ. सुवेंदु अधिकारी ने कहा था कि पार्टी को अल्पसंख्यक मोर्चा बंद कर देना चाहिए. इतना ही नहीं, उन्होंने पीएम मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास' वाले नारे पर कहा कि अब इसकी जरूरत नहीं है. इस पर अब उन्हीं की पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्च के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने जवाब देते हुए कहा है कि सुवेंदु अधिकारी अभी बीजेपी में नए हैं और शायद उन पर टीएमसी की राजनीति का असर बाकी है. जमाल ने कहा कि जैसे-जैसे वह बीजेपी को जानेंगे, उन्हें समझ आएगा कि बीजेपी अलग तरह से काम करती है.

सुवेंदु अधिकारी के बयान का जवाब देते हुए जमाल सिद्दीकी ने कहा, 'बीजेपी की जो आत्मा है, वह सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पूरे कार्यकाल में इसको नीचे तक लागू किया है. हम इसको जी रहे हैं. मेरा मानना है कि अगर ये आत्मा है और यही निकल जाएगी तो शरीर में बचेगा क्या? बीजेपी सत्ता प्राप्ति के लिए नहीं बनी है, बीजेपी सेवा के लिए बनी है. जो हमें वोट देता है, हम उसके लिए भी काम करते हैं और नहीं देता है उसके साथ भी हैं. पीएम मोदी ने हमेशा कहा है कि वोट की राजनीति सिर्फ चुनाव तक होती है.'

इससे पहले, सुवेंदु अधिकारी ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था, 'सबका साथ सबका विकास की अब जरूरत नहीं है. जो हमारे साथ, हम उनके साथ पर काम करना चाहिए. अल्पसंख्यक मोर्चा की भी कोई जरूरत नहीं है.' बता दें कि इस पर बाद में सुवेंदु ने भी कहा कि उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश कर दिया गया. इतना ही नहीं, बीजेपी ने इसे सुवेंदु का निजी बयान बताकर पल्ला भी झाड़ लिया था.

'अल्पसंख्यक मोर्चा खत्म करने का अधिकार सुवेंदु को नहीं'

उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि सुवेंदु अधिकारी का जो बयान है वह जज्बात में दिया हुआ बयान है. वह खेद भी प्रकट कर चुके हैं तो मुझे लगता है कि यह मामला अब खत्म हो गया है. ये पार्टी की विचारधारा नहीं है. पीएम मोदी ने सबका साथ, सबका विकास का नारा दिया है. सुवेंदु अधिकारी ने जो कहा है वह उनकी विचारधारा हो सकती है. अभी वह पार्टी में नए आए हैं, उन्हें पार्टी को समझने की आवश्यकता है. अल्पसंख्यक मोर्चा बंद करने  का अधिकार सुवेंदु अधिकारी को नहीं है. मुझे लगता है कि यह अधिकारी बीजेपी में भी किसी को नहीं है.'

सुवेंदु अधिकारी पर जमाल सिद्दीकी ने कहा, 'हो सकता है कि वह नाराज हों क्योंकि उन्होंने पश्चिम बंगाल में विकास के काम किए लेकिन जनता ने उन्हें वोट नहीं दिया. इसीलिए हो सकता है वह गुस्से में ऐसा बोल गए हों. मुझे लगता है कि जब वह बीजेपी के मूल मंत्र को पढ़ेंगे तो उनको भी लगेगा कि यह एक महत्वपूर्ण मोर्चा है जो काम करता है और काम करता रहेगा.'