पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट की जज बी.वी. नागरत्ना ने लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की. उन्होंने स्पष्ट कहा कि चुनाव आयोग, सीएजी और वित्त आयोग जैसी संस्थाओं को बिना किसी राजनीतिक दबाव के काम करना चाहिए. उनके अनुसार, चुनाव केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र की नींव हैं. यदि इन संस्थाओं पर बाहरी प्रभाव पड़ेगा, तो निष्पक्षता और भरोसा दोनों प्रभावित होंगे.
जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं को स्वतंत्र रूप से कार्य करना बेहद जरूरी है. उन्होंने बताया कि इन संस्थाओं का गठन ही इस उद्देश्य से किया गया है कि वे निष्पक्षता बनाए रखें और किसी भी प्रकार के बाहरी दबाव से मुक्त रहें.
उन्होंने चुनाव को केवल एक घटना नहीं, बल्कि एक व्यवस्था बताया जिसके जरिए राजनीतिक सत्ता का गठन होता है. उनके अनुसार, समय पर चुनाव होने से सरकार में बदलाव सहज रूप से होता है और लोकतंत्र की स्थिरता बनी रहती है.
जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि इन संस्थाओं का ढांचा इस तरह तैयार किया गया है कि वे विशेष क्षेत्रों में निष्पक्षता सुनिश्चित कर सकें. उन्होंने चुनाव आयोग, सीएजी और वित्त आयोग के डिजाइन को एक जैसा बताते हुए कहा कि इनका स्वतंत्र रहना अनिवार्य है.
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक पुराने फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि यदि चुनाव कराने वाली संस्था उन लोगों पर निर्भर हो जो चुनाव लड़ते हैं, तो निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं. ऐसे में संस्थाओं की स्वायत्तता बनाए रखना बेहद जरूरी है.