तमिलनाडु: उदयनिधि स्टालिन ने एक बार फिर ‘सनातन धर्म’ को लेकर विवादित बयान देकर सियासी माहौल गरमा दिया है. तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद अपने पहले भाषण में उन्होंने कहा कि “सनातन धर्म लोगों को बांटता है, इसलिए इसे खत्म करना ही होगा. उनके इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद फिर तेज हो गया है.
द्रविड़ मुनेत्र कड़गम नेता उदयनिधि ने अपने भाषण में अपनी पुरानी टिप्पणी भी दोहराई. इससे पहले सितंबर 2023 में उन्होंने कहा था कि सनातन धर्म का सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि इसे डेंगू, मलेरिया और कोरोना की तरह खत्म कर देना चाहिए. उस बयान के बाद देशभर में भारी विवाद हुआ था और कई हिंदू संगठनों ने विरोध जताया था.
Chennai | Speaking in Tamil Nadu Assembly, Leader of Opposition & DMK MLA, Udhayanidhi Stalin says, "Sanathanam, which seperated people, should be eradicated.". pic.twitter.com/R8DOnkSP2x
— ANI (@ANI) May 12, 2026
उनके पुराने बयान को लेकर कई कानूनी मामले भी दर्ज हुए थे. जब मामला सुप्रीम कोर्ट और मद्रास हाईकोर्ट पहुंचा था, तब अदालतों ने उनके बयान पर कड़ी टिप्पणी की थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि एक मंत्री होने के नाते उन्हें अपने शब्दों की जिम्मेदारी समझनी चाहिए.
अपने भाषण में उदयनिधि ने ‘तमिल थाई वजथु’ को लेकर भी नई सरकार को चेतावनी दी. उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में हुए शपथ ग्रहण समारोह में राज्य गीत को उचित सम्मान नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के किसी भी सरकारी कार्यक्रम में इस गीत को हमेशा पहला स्थान मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर विधानसभा में दोबारा ऐसी गलती हुई तो विपक्ष इसका विरोध करेगा.
विपक्ष की भूमिका पर बोलते हुए उदयनिधि ने सी.एन. अन्नादुरई का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि विपक्ष किसी गाड़ी के ब्रेक या बैल की लगाम की तरह होता है, जो सरकार को गलत दिशा में जाने से रोकता है.
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष सिर्फ विरोध के लिए नहीं है, बल्कि रचनात्मक भूमिका निभाएगा. अपने भाषण के अंत में उन्होंने ‘द्रविड़ मॉडल’ के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि जनता की आवाज उठाते रहेंगे. उनके बयान के बाद अब राजनीतिक दलों और धार्मिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आनी शुरू हो गई हैं.